निजी संस्थानों में कार्यरत कई कर्मचारी अब भी वेतन के लिए भटक रहे हैं। उन्हें मार्च का वेतन ही नहीं मिला है। उन्हाेंने श्रम विभाग में इसकी शिकायत की है लेकिन इनमें से ज्यादातर कंपनियों का मुख्यालय दूसरे शहर या राज्य में है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन सीधे तौर पर कार्रवाई भी नहीं कर पा रहा। ऐसी कंपनियों को नोटिस भेजकर तीन दिन में जवाब मांगा गया है।
दवा बनाने वाली दो कंपनियों ने वेतन नहीं मिलने की शिकायत की है। इसी तरह से ऑनलाइन बुकिंग पर घर-घर भोजन या अन्य खाद्य सामग्री पहुंचाने वाली कंपनी के कर्मचारियों ने भी वेतन नहीं मिलने की शिकायत है। इन तीनों कंपनियों का मुख्यालय मुंबई में है। इनके अलावा दो अन्य कंपनियों के कर्मचारियों ने भी वेतन नहीं मिलने की शिकायत की है। इनका मुख्यालय भी दूसरे जिलों में है।
ऐसे में इन कंपनियों के अफसरों से सीधे संपर्क नहीं हो पा रहा है। उपायुक्त राकेश द्विवेदी ने बताया कि सभी कंपनियों को नोटिस भेजा गया है। जवाब नहीं आया तो वहां के श्रम आयुक्त से बात की जाएगी। उन्होंने बताया कि कई कर्मचारियों ने वेतन कटौती की भी शिकायत की है। ऐसी कंपनियों को भी नोटिस भेजा गया है।