Five August will be celebrated as freedom day of Bhagwaan ram
अयोध्या के बाद अब मथुरा और काशी के लिए भी आंदोलन की शुरुआत जरूरी: महंत नरेंद्र गिरि
प्रयागराज। पांच अगस्त को भगवान राम की आजादी के दिवस के रूप में साधु-संत मनाएंगे। जन्मभूमि की मुक्ति के आंदोलन के लंबे समय बाद भूमि पूजन का यह दिन हर सनातनधर्मी के लिए इतिहास की अमरगाथा के रूप में याद रहेगा। यह बातें अयोध्या वापसी के बाद बृहस्पतिवार को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि महाराज ने कही।
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि अयोध्या श्रीरामजन्मभूमि की मुक्ति के बाद अब मथुरा और काशी को भी मुक्त कराने के लिए आंदोलन शुरू किया जाना चाहिए। इसलिए कि मथुरा में भगवान कृष्ण और काशी में बाबा विश्वनाथ इस दौर में भी कैद हैं। इसे किसी भी दशा में बर्दास्त नहीं किया जा सकता। सनातन धर्म के इन दोनों प्रमुख स्थलों की मुक्ति का अभियान चलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पांच अगस्त का दिन सनातन संस्कृति के इतिहास में अमर हो गया है। उन्होंने साधु-संतों और भक्तों का आह्वान किया कि वह उस दिन को रामजन्मभूमि की आजादी के दिन के रूप में हर वर्ष मनाएं। अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण की नींव पड़ चुकी है। इसे लेकर हर सनातनधर्मी का कलेजा चौड़ा हो गया है।