इलाहाबाद। गंगा में मछलियों के मरने का सिलसिला नहीं रुक रहा है। रविवार को एक बार गंगा में मछलियां मरी मिलीं। उधर, जिस दिन से यह सिलसिला शुरू हुआ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उसी दिन से पानी का नमूना ले रहा है लेकिन अधिकारी आवश्यक कदम उठाने के बजाए नमूने की रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे हैं।
गंगा में मरी मछलियां दारागंज से संगम के बीच ही मिल रही हैं। रविवार को संगम के पास गंगा में दो दर्जन से अधिक मछलियां मरी मिली। संगम क्षेत्र में मछलियों के मरने का सिलसिला 15 नवंबर से शुरू हुआ। समाजसेवी कमलेश सिंह इस गंभीर मामले में कमिश्नर, डीएम से लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से गुहार लगा रहे हैं। मछलियों को लगातार मरने के मामले सामने आने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पानी का नमूना तो एकत्र कर रहा है लेकिन रिपोर्ट अब तक आनी नहीं शुरू हुई है। इसकी वजह से यह भी नहीं पता चल पा रहा कि मछलियों के मरने का कारण क्या है।
इस बीच गंगा जल का रंग लाल होने के भी स्थिति गंभीर हो गई है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लाल पानी का नमूना लेने के बाद शनिवार को संगम से फिर नमूने के तौर पर पानी लिया था। यह पानी पूरी तरह काला था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी एसबी फ्रैंकलीन कह रहे हैं कि पानी के नमूने लगातार लिए जा रहे हैं लेकिन इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हैं। वह बार-बार यीही दोहरा रहे हैं कि रिपोर्ट सोमवार या मंगलवार तक आएगी। इसके पहले की रिपोर्ट वह कमिश्नर को दे चुके हैं। उन्हें पानी में खास कुछ नजर भी नहीं आ रहा है, जिससे मछलियों के मरने का पता चले। बहरहाल अफसर मछलियों की मौत पर नियंत्रण लगाने में पूरी तरह नाकाम हैं।