मछली पालन और सिंघाड़े की खेती अब जिले के किसानों की कमाई का जरिया बनेगी। जनपद में बनाए गए 2017 खेत तालाब में किसान मत्स्य पालन विभाग की मदद से दोनों कार्य कर रहे हैं। विभाग ने 130 किसानों को सिंघाड़े और 1887 को मछली पालन का प्रशिक्षण दिया है। मत्स्य पालकों और किसानों को विभाग मुफ्त बीज भी प्रदान करेगा। उन्हें निशुल्क केसीसी और बोरिंग की सुविधा भी दी गई है।
भूजल स्तर में सुधार के लिए प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी खेत तालाब योजना के तहत इस साल प्रशासन के पहल पर एक माह में 2017 खेत तालाब बनाकर विश्व रिकार्ड बनाया गया था। किसानों के खेतों में बने तालाब के लिए 50 प्रतिशत अनुदान शासन की ओर से दिया गया है। इसके बनने से बारिश के पानी का संचय भी किसान कर सकेंगे।
जिन किसानों के पास दो से तीन बिस्वा जमीन थी और वह कृषि पर ही निर्भर रहते थे। उनकी आमदनी बढ़ाने के लिए शासन की ओर से यह पहल की गई। इसमें कई किसानों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। 150 किसानों को केसीसी करने के साथ बोरिंग की सुविधा भी दी गई है। जिलाधिकारी संजीव रंजन के आदेश पर तालाब के किनारे फलदार पौधों को रोपने का कार्य शुरू किया गया है।
वर्जन-
मनरेगा के तहत एक माह में 2017 खेत तालाब बनाकर विश्व रिकार्ड बनाया गया है। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए तालाब में मत्स्य पालन और सिंघाड़े की खेती कराई जा रही है। केसीसी करने के साथ किसानों को निशुल्क बोरिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
अश्वनी सोनकर, डीसी मनरेगा।