कुछ दिन पहले तक किसान धान की फसल बचाने के लिए सिंचाई के इंतजाम में जुटे थे। अब बारिश के बाद उनकी प्राथमिकता खाद की व्यवस्था करने की है। सरकारी केंद्रों पर पर्याप्त उपलब्धता न होने से किसानों को निजी दुकानों से अधिक कीमत चुकाकर खाद खरीदनी पड़ रही है। ऐसे में खेती की लागत बढ़ रही है।
तीन दिनों से हो रही बारिश ने क्षेत्र के किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी है। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को अब राहत मिली है। पर्याप्त नमी मिलने से धान की फसल में बढ़वार शुरू हो गई है। खेतों में पानी भरने के बाद किसान यूरिया खाद का छिड़काव करने में जुट गए हैं, ताकि फसल का विकास और बेहतर हो सके।
फूलपुर तहसील क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 54614 हेक्टेयर है। इसमें 38523 हेक्टेयर भूमि ही सिंचाई योग्य है। बारिश से पहले किसान डीजल पंप और नलकूपों के सहारे सिंचाई करने को मजबूर थे, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही थी। अब अच्छी बारिश होने से सिंचाई की जरूरत कम हो गई है और किसानों को आर्थिक राहत मिली है।
चंदौकी गांव के किसान राजकुमार, गुड्डू और दिनेश कुमार यादव ने बताया कि बारिश के बाद किसानों की नई चिंता खाद को लेकर है। सरकारी केंद्रों पर पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से कई किसानों को निजी दुकानों से 450 से 500 रुपये प्रति बोरी की दर से यूरिया खरीदनी पड़ रही है।
जिन किसानों ने अभी तक यूरिया का प्रयोग नहीं किया है, वे खेत में पर्याप्त नमी होने पर संतुलित मात्रा में यूरिया का प्रयोग करें। यदि मौसम सामान्य बना रहा तो इस वर्ष धान की अच्छी पैदावार होने के आसार हैं। - मनीष अग्रहरि, एसडीओ, कृषि प्रयागराज।
इफको किसान सेवा केंद्र पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध है।सर्वर भी सुचारु रूप से संचालित हो रहा है। बृहस्पतिवार को 130 किसानों को कुल 415 बोरी यूरिया का वितरण किया गया। - अमन सिंह, प्रभारी, इफको किसान सेवा केंद्र घियानगर, फूलपुर
फूलपुर क्षेत्र की सभी आठ साधन सहकारी समितियों में यूरिया उपलब्ध है। बारिश होते ही अचानक मांग बढ़ने से वितरण व्यवस्था पर दबाव जरूर बढ़ा है, लेकिन किसानों को खाद की कमी न हो, इसके लिए आपूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है। - श्यामधर यादव, एडीओ, कोऑपरेटिव फूलपुर।