दिन भर लगी रही भक्तों की कतार
पौराणिक मान्यता के अनुसार सावन का प्रत्येक सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के बाद शिवलिंग का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जप विशेष पुण्यदायी माना जाता है। श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर दिनभर भगवान शिव की उपासना की।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार प्रथम सोमवार पर ब्रह्म मुहूर्त से लेकर पूर्वाह्न तक जलाभिषेक और रुद्राभिषेक का विशेष महत्व रहा। सूर्योदय के बाद प्रातःकालीन बेला में शिव पूजा को अत्यंत शुभ माना गया। मंदिरों में पूरे दिन दर्शन-पूजन का क्रम चलता रहा और शाम की आरती में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
भीड़ को देखते हुए प्रमुख मंदिरों में बैरिकेडिंग, पेयजल, चिकित्सा सहायता और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार व्यवस्था संभालती रहीं। स्वयंसेवकों ने कतारबद्ध तरीके से श्रद्धालुओं को दर्शन कराए। देर शाम तक हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से पूरा प्रयागराज भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।