शहर में विधि की छात्राओं के लिए पहला गर्ल्स हॉस्टल बनने जा रहे हैं। यह हॉस्टल सीएमपी डिग्री कॉलेज की विधि की छात्राओं के लिए केपी ट्रस्ट की ओर से बनवाया जाएगा और इस पर तकरीबन डेढ़ करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके साथ ही सीएमपी डिग्री कॉलेज मुख्य परिसर के बगल में स्थित हॉस्टल को महिला छात्रावास के रूप में परिवर्तित किया जाना है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भी महिला छात्रावास तो हैं लेकिन विधि की छात्राओं के लिए अलग से कोई हॉस्टल नहीं है। सीएमपी की लॉ फैकल्टी के सामने केपी ट्रस्ट की जमीन खाली पड़ी है। इसी जमीन पर 35 कमरों वाले हॉस्टल का निर्माण कराने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए स्वॉयल टेस्टिंग का काम पूरा कर लिया गया है।
अब नक्शा पास होने का इंतजार है। नक्शा पास होने के बाद हॉस्टल का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि हॉस्टल गाउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर का होगा। ग्राउंड फ्लोर पर ही हॉस्टल का कार्यालय, वार्डन रूम, गार्ड रूम, मेस आदि का निर्माण कराया जाएगा। उम्मीद है कि सत्र 2021-22 में इसका निर्माण पूरा करा लिया जाएगा।
लॉ फैकल्टी के सामने हॉस्टल होने के कारण छात्राओं को आने-जाने में काफी सहूयिलत होगी। हॉस्टल में बीएएलएलबी एवं एलएलबी की छात्राएं रहेंगी। अगर इसके बाद भी हॉस्टल की सीटें खाली रह जाती हैं तो अन्य पाठ्यक्रमों की छात्राओं को प्रवेश दिया जाएगा। वहीं, सीएमपी डिग्री कॉलेज के मुख्य परिसर के बगल में स्थित कॉलेज के पुराने हॉस्टल को गर्ल्स हॉस्टल के रूप में परिवर्तित किया जाएगा।
हॉस्टल परिसर में काफी समय से पीएससी का कैंप लगा हुआ है। गवर्निंग बॉडी की बैठक में वहां भी गर्ल्स हॉस्टल के निर्माण का निर्णय लिया जा चुका है। गर्ल्स हॉस्टल के निर्माण पर खर्च के लिए कॉलेज को यूजीसी से अनुदान चाहिए लेकिन कोविड-19 के दौर में अनुदान को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है।