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Mahakumbh : मेला के केंद्रीय अस्पताल में हुआ पहला प्रसव, महाकुंभ में सफाई का काम करती है महिला

Mon, 30 Dec 2024 03:44 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

महाकुंभ मेले के लिए परेड मैदान पर बने 100 बेड के अस्थायी केंद्रीय अस्पताल में रविवार को पहला प्रसव कराया गया। जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. मनोज ने इस पर अस्पताल स्टाफ सहित सभी का मुंह मीठा कराया।
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महाकुंभ के केंद्रीय चिकित्सालय में हुआ पहला प्रसव। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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महाकुंभ मेले के लिए परेड मैदान पर बने 100 बेड के अस्थायी केंद्रीय अस्पताल में रविवार को पहला प्रसव कराया गया। जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. मनोज ने इस पर अस्पताल स्टाफ सहित सभी का मुंह मीठा कराया। रविवार को कौशाम्बी निवासी 20 वर्षीय सोनम ने यहां बेटे को जन्म दिया है। डॉ. गौरव दुबे की मौजूदगी में तीन डॉक्टरों की टीम ने सफल प्रसव कराया गया। सफल ऑपरेशन के बाद दोनों को स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में शिफ्ट करा दिया गया। बता दें कि सोनम महाकुंभ मेला क्षेत्र में सफाई कर्मी का काम कर रही हैं। 

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एसआरएन अस्पताल में तैनात होंगे क्षेत्रीय भाषाओं के जानकार चिकित्सक

महाकुंभ के दौरान स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल के विभागों में क्षेत्रीय भाषाओं के जानकार चिकित्सक तैनाती होंगे। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्रशासन इसकी सूची तैयार कर रहा है। इसमें पीजी और एमबीबीएस के छात्र भी शामिल हैं। कॉलेज प्रशासन ने इस तरह के 20 से 25 चिकित्सकों को चिह्नित करने का लक्ष्य रखा है।

मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. वत्सला मिश्रा ने जिले के इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र-छात्राओं की मदद लेने की योजना बनाई है। जल्द ही आईआईटी कॉलेजों से संपर्क किया जाएगा। इस व्यवस्था महाकुंभ के स्नान पर्वों के दौरान लागू किया जाएगा।

जहां अस्पताल के विभिन्न विभागों में आने वाले कन्नड़, उड़िया, तमिल, तेलगू, मलयालम और बांग्ला सहित भारतीय भाषाओं के मरीजों की बात समझने में किसी प्रकार की परेशानी सामने न आए। आवश्यकता पड़ने पर इस व्यवस्था को अन्य मौकों पर भी लागू किया जा सकता है।

 

मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के इलाज में भाषा बाधा न बने, इसके लिए एसआरएन में क्षेत्रीय भाषाओं के जानकार डॉक्टरों की तैनाती की जाएगी। - डॉ. वत्सला मिश्रा, प्राचार्य, एमएलएन मेडिकल कॉलेज

विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं की जानकारी रखने वाले चिकित्सकों की सूची तैयार हो रही है। इस संबंध में पांच जनवरी के पहले एमबीबीएस छात्रों की कार्यशाला भी कराई जाएगी। - डॉ. संतोष सिंह, सर्जन, एसआरएन अस्पताल



 

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