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प्रतापगढ़ : पीएम किसान सम्मान निधि में घपले पर 4.45 लाख लोगों पर एफआईआर, 1700 आईपी एड्रेस मिले फर्जी

Wed, 26 Aug 2026 08:23 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़

सार

पीएम किसान सम्मान निधि योजना में 3.15 अरब के घपले में शामिल 4.45 लाख आरोपियों के खिलाफ साइबर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। जांच में 4.45 लाख लोगों का डाटा और 17 सौ आईपी एड्रेस फर्जी मिले हैं।
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किसान सम्मान निधि। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक।
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विस्तार
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पीएम किसान सम्मान निधि योजना में 3.15 अरब के घपले में शामिल 4.45 लाख आरोपियों के खिलाफ साइबर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। जांच में 4.45 लाख लोगों का डाटा और 17 सौ आईपी एड्रेस फर्जी मिले हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ शिकंजा कसने के साथ ही सिंडिकेट से जुड़े लोगों की तलाश प्रारंभ कर दी है।

वर्ष 2019-2020 में पीएम किसान सम्मान निधि योजना में डायरेक्ट एंट्री करके फर्जी अभिलेखों के माध्यम से पंजीकरण कराया गया था। कृषि विभाग ने जब किसानों से अभिलेख मांगना शुरू किया तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। कृषि निदेशालय दिल्ली, केंद्रीय सतर्कता आयोग और पुलिस विभाग की अलग-अलग जांच में यह खुलासा हुआ कि 4.45 लाख किसानों ने फर्जी तरीके आवेदन कर रखा है। इनमें गैर जनपद के लोगों भी शामिल हैं।

हालांकि, तब तक कृषि विभाग ने सम्मान निधि योजना के तहत 3.75 लाख लोगों के खाते में तीन किस्तों में 2.25 अरब और 75 हजार लोगों के खाते छह किस्तों में 90 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया था। ऑनलाइन सत्यापन और विभागीय जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर अफसरों के होश उड़ गए। कृषि निदेशालय दिल्ली ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फर्जीवाड़े में शामिल लोगों पर शिकंजा कसने की रणनीति बनाई।

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उप कृषि निदेशक अश्विनी सिंह की तहरीर पर बुधवार को 4.45 लाख आरोपियों और 17 सौ आईपी एड्रेस फर्जी मिलने की प्राथमिकी दर्ज हुई है। पुलिस इस सिंडिकेट में शामिल आरोपियों की तलाश प्रारंभ कर दी है। पुलिस की जांच के बाद आरोपियों से 3.15 अरब रुपये की रिकवरी भी की जाएगी।

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आठ धाराओं में दर्ज हुई प्राथमिकी

एसपी दीपक भूकर ने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि के फर्जीवाड़े में कुल आठ धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। बीएनएस के तहत छह और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की दो धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम 2008 के तहत धारा 66 सी, 66 डी, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 318 (4), धारा 319 (2), धारा 336 (3), धारा 338, धारा 340 (2) और 61 (2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

कुंडा तहसील के सबसे ज्यादा आरोपी

पीएम किसान सम्मान निधि के फर्जीवाड़े में सबसे अधिक प्रतापगढ़ की कुंडा तहसील के लोग शामिल हैं। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद सिंडिकेट से जुड़े लोगों की नींद उड़ गई है। आरोपी बचाव का तरीका खोज रहे हैं।

घटनाक्रम

-23 जुलाई 2025 को पहली बार अमर उजाला ने खबर प्रकाशित की।

-23 अगस्त 2026 को जांच के बाद घपला सामने आने पर की खबर प्रकाशित की गई।

-26 अगस्त 2026 को उप कृषि निदेशक की तहरीर पर साइबर थाने में पहली प्राथमिकी दर्ज हुई।

उप कृषि निदेशक की तहरीर पर 17 सौ आईपी एड्रेस और फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। - दीपक भूकर, एसपी

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