17 सौ आईपी एड्रेस फर्जी
ऑनलाइन जांच में फर्जीवाड़े में शामिल 17 सौ आईपी एड्रेस फर्जी मिले हैं। कई चरणों में पुलिस और कृषि विभाग की हुई जांच के बाद विभाग ने यह माना कि प्रतापगढ़ में व्यापक पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया है।
घटनाक्रम पर एक नजर
2019-2020 में पीएम किसान निधि योजना के तहत पंजीकरण शुरू हुआ।
2021-2022 में जनसेवा केंद्र एवं तहसीलदार कुंडा की आईडी हैक कर फर्जी अभिलेख पोर्टल पर दर्ज कराए गए।
2023-2024 में तत्कालीन डीएम संजीव रंजन ने स्थानीय स्तर पर जांच के आदेश दिए।
2024-2025 में पुलिस की जांच में लाखों किसान अपात्र मिले। केंद्रीय एजेंसी भी इसकी जांच कर रही थी।
2025-2026 में तत्कालीन डीएम शिव सहाय अवस्थी ने शासन को रिपोर्ट भेजी।
10 जुलाई 2026 को शासन ने डीएम को पत्र भेजकर विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए।
नौ अगस्त को डीएम ने एसपी को पत्र भेजकर एफआईआर कराने के लिए कहा।
जिलाधिकारी का पत्र प्राप्त हुआ है, साइबर सेल से फर्जीवाड़े में शामिल आईपी एड्रेस लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। - दीपक भूकर, पुलिस अधीक्षक