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प्रतापगढ़ : किसान सम्मान निधि में 3.15 अरब का घपला, साढ़े चार लाख फर्जी अभिलेख दर्ज, दर्ज होगी प्राथमिकी

Sun, 23 Aug 2026 03:02 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़

सार

प्रतापगढ़ की कुंडा तहसील में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जांच में करीब 4.50 लाख फर्जी लाभार्थियों के जरिए 3.15 अरब रुपये की सम्मान निधि हड़पने का खुलासा हुआ है। कृषि निदेशालय नई दिल्ली और केंद्रीय सतर्कता आयोग की जांच के बाद शासन ने विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर मामले में एफआईआर दर्ज कराने को कहा है। अब कुंडा तहसील के 65,924 लाभार्थी भी जांच के दायरे में हैं।
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किसान सम्मान निधि। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक।
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विस्तार
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। कुंडा तहसील में साढ़े चार लाख किसानों ने फर्जी पंजीकरण कराकर 3.15 अरब रुपये का घपला किया, जिसका खुलासा कृषि निदेशालय नई दिल्ली और केंद्रीय सतर्कता आयोग की जांच में हुआ है। फर्जीवाड़े में प्रयागराज, कौशाम्बी, अमेठी व सुल्तानपुर के लोग शामिल हैं। जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक को एफआईआर दर्ज करने के लिए पत्र लिखा है।

फर्जीवाड़े में शामिल किसानों ने पीएम किसान पोर्टल पर 2019-2020 में डायरेक्ट एंट्री के माध्यम से फर्जी अभिलेखों के माध्यम से पंजीकरण कराया। लापरवाही का आलम यह रहा कि सत्यापन में सभी पात्र ठहरा दिए गए। किस्तों का भुगतान होने के बाद कृषि निदेशालय दिल्ली ने ऑनलाइन जांच प्रारंभ की तो दूसरे जिले के किसान प्रतापगढ़ से सम्मान निधि लेते पाए गए।

केंद्रीय सतर्कता आयोग और विभागीय जांच में यह खुलासा हुआ कि 4.5 लाख किसान फर्जी पंजीकरण कराकर पीएम किसान सम्मान निधि ले रहे हैं। 3.75 लाख किसानों ने तीन किस्तों में 2.25 अरब और 75 हजार किसानों ने छह किस्तों में 90 करोड़ रुपये सम्मान निधि ली है। इस प्रकार जिले में 3.15 अरब रुपये का घपला किया गया है।

शासन ने 10 जुलाई को जिलाधिकारी को पत्र भेजकर विधिक कार्रवाई का निर्देश दिया। इस पर जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय ने नौ अगस्त को पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर को पत्र लिखकर मामले में प्राथमिकी दर्ज करने को कहा है। मामला यहीं खत्म नहीं हुआ है। कुंडा तहसील में 65,924 लाभार्थी अभी भी जांच के दायरे में हैं, जिनके अभिलेखों के सत्यापन हो रहे हैं। 

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17 सौ आईपी एड्रेस फर्जी

ऑनलाइन जांच में फर्जीवाड़े में शामिल 17 सौ आईपी एड्रेस फर्जी मिले हैं। कई चरणों में पुलिस और कृषि विभाग की हुई जांच के बाद विभाग ने यह माना कि प्रतापगढ़ में व्यापक पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया है।

घटनाक्रम पर एक नजर

2019-2020 में पीएम किसान निधि योजना के तहत पंजीकरण शुरू हुआ।

2021-2022 में जनसेवा केंद्र एवं तहसीलदार कुंडा की आईडी हैक कर फर्जी अभिलेख पोर्टल पर दर्ज कराए गए।

2023-2024 में तत्कालीन डीएम संजीव रंजन ने स्थानीय स्तर पर जांच के आदेश दिए।

2024-2025 में पुलिस की जांच में लाखों किसान अपात्र मिले। केंद्रीय एजेंसी भी इसकी जांच कर रही थी।

2025-2026 में तत्कालीन डीएम शिव सहाय अवस्थी ने शासन को रिपोर्ट भेजी।

10 जुलाई 2026 को शासन ने डीएम को पत्र भेजकर विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए।

नौ अगस्त को डीएम ने एसपी को पत्र भेजकर एफआईआर कराने के लिए कहा।

जिलाधिकारी का पत्र प्राप्त हुआ है, साइबर सेल से फर्जीवाड़े में शामिल आईपी एड्रेस लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। - दीपक भूकर, पुलिस अधीक्षक

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