इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खनन पट्टे में विभागीय पोर्टल पर दर्शायी गई मात्रा से काफी कम खनिज उपलब्ध होने के मामले में 3.53 करोड़ रुपये की धन वापसी की मांग पर सरकार से जवाब तलब किया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खनन पट्टे में विभागीय पोर्टल पर दर्शायी गई मात्रा से काफी कम खनिज उपलब्ध होने के मामले में 3.53 करोड़ रुपये की धन वापसी की मांग पर सरकार से जवाब तलब किया है। चेतावनी दी है कि अगली सुनवाई तक जवाब दाखिल नहीं किया गया तो अदालत विभाग की कार्यशैली को लेकर प्रतिकूल अनुमान लगाएगी।
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यह आदेश न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा और न्यायमूर्ति सत्य वीर सिंह की खंडपीठ ने जालौन की मेसर्स एमएस कन्हैयालाल एंड संस की याचिका पर दिया। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि खनन पोर्टल पर फर्म को जितनी खनन सामग्री उपलब्ध दिखाई गई थी, वास्तविकता में उसका 10वां हिस्सा भी नहीं मिला। इससे याची को भारी नुकसान हुआ। लिहाजा वह 3,53,45,906 रुपये की वापसी का हकदार है।
प्रदेश सरकार की ओर से मुख्य स्थायी अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि पोर्टल पर जानकारी अपलोड करने में त्रुटि हो गई थी। इस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को विस्तृत प्रतिशपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया। कहा कि स्पष्ट करें कि पोर्टल पर बाद में भूल सुधार की सूचना याची को कब और कैसे दी गई। अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी।