ट्रेनों में आग लगी तो फट जाएगी फायर बॉल
0 आग से निपटने के लिए एनसीआर अपनी ट्रेनों में लगाएगा नए उपकरण
0 बॉल के फटते ही मोनो अमोनियम फास्फेट गैस पाएगी लपटों पर काबू
0 शुरुआत प्रयागराज एक्सप्रेस से, दोनों जेनरेटर यान के पास लगाई गई बॉल
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। ट्रेनों में आग की घटना से निपटने के लिए रेलवे ने अब फायर बॉल का सहारा लिया है। इसकी शुरुआत एनसीआर जोन ने अपनी वीआईपी ट्रेन प्रयागराज एक्सप्रेस से की है। इसके दोनों जेनरेटर यान में छह-छह फायर बॉल लगाई गईं हैं। प्रयागराज एक्सप्रेस के बाद एनसीआर प्रशासन इलाहाबाद-आनंद विहार हमसफर एक्सप्रेस, कानपुर शताब्दी एवं श्रमशक्ति आदि महत्वपूर्ण ट्रेनों में भी इसे लगाएगा। पहले चरण में एनसीआर प्रशासन उन ट्रेनों में फायर बॉल लगाएगा, जिनमें एलएचबी कोच लगे हैं।
दरअसल, तमाम ट्रेनों में आग बुझाने के लिए पारंपरिक अग्निशमन यंत्र ही लगे हुए हैं, जो स्वत: संचालित नहीं होते, जबकि फायर बॉल में ऐसा नहीं है। यह आग लगने पर खुद ही फट जाती है और उसमें भरी गैस उसे तुरंत बुझा देती है। बॉल हल्की और पोर्टेबल है, जो वाटर प्रूफ प्लास्टिक के खोल से बनी है। फायर बॉल आग के संपर्क में आने पर 70 डिग्री से ज्यादा तापमान होते ही पांच से दस सेकंड में फट जाती है। इसकी कवरेज पांच वर्ग मीटर रहती है। इसकेे अंदर मोनो अमोनियम फास्फेट गैस भरी रहती है। शुरुआत में प्रयागराज एक्सप्रेस के दोनों जेनरेटर यान में छह-छह फायर बॉल लगाई गईं हैं। अब हमसफर, इलाहाबाद-उधमपुर, कानपुर शताब्दी समेत आदि ट्रेनों में भी फायर बॉल लगाई जाएंगी। इलाहाबाद मंडल में अभी तमाम ट्रेनों में कुल 24 जेनरेटर यान हैं। इमसें 144 फायर बॉल लगाए जाने हैं। एनसीआर इलाहाबाद मंडल के पीआरओ सुनील कुमार गुप्ता के मुताबिक जेनरेटर यान के बाद एसी एवं स्लीपर कोच में भी इसे लगाने की तैयारी है। मंडल में यह कार्य वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर आरएस सिंह और ओपी पाठक के नेतृत्व में किया गया।