हरी सब्जी के भाव में बेतहाशा बढ़ोतरी हो गई है। इसकी वजह से घरों में खाने की थाली से सब्जियों की मात्रा कम हो गई है। फुटकर बाजार में टमाटर 60 रुपये प्रतिकिलो तक भाव पर पहुंच गया है, जबकि गोभी प्रति पीस 50-60 रुपये तक बिक रही है। भिंड़ी, नेनुआ, परवल, मूली, करेला, खीरा, बोड़ा, बैगन, कोहड़ा, पालक आदि भी 40 रुपये प्रतिकिलो या उससे अधिक कीमत पर बिक रहा है। दामों में बढ़ोतरी का कारण बारिश को बताया जा रहा है, जिसकी वजह से हरी सब्जियों की आवक काफी कम हो गई है।
टमाटर के बढ़ते भाव ने सब्जी का स्वाद बिगाड़ कर रख दिया है। बीत दिन पहले तक जो टमाटर 20 रुपये प्रतिकिलो के भाव बिक रहा था, तीन गुना दाम बढ़कर 60 रुपये प्रतिकिलो तक पहुंच गया है। गर्मी में घरों में भिंड़ी, नेनुआ, परवल, बोडा, करेला जैसी हरी सब्जियां सबसे ज्यादा इस्तेमाल होती हैं, लेकिन इन दिनों इनकी कीमत भी आसमान छू रही है। दारागंज, सोहबतियाबाग, कटरा, अल्लापुर, एजी ऑफिस, मीरापुर, तेलियरगंज आदि फुटकर मंडियों में यह सभी सब्जियां 40 रुपये प्रतिकिलो या फिर उससे अधिक भाव पर बिक रही है। मूली, बैगन, कोहड़ा जो करीब दो हफ्ते पहले तक 10-12 रुपये प्रतिकिलो के भाव बिक रहा था कि 40 के पार पहुंच गया है।
खीरा का दाम भी तेजी से बढ़ा है। यह 10 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 40 रुपये तक पहुंच गया है। सब्जी के मसालों में इस्तेमाल होने वाले लहसुन, अदरक की कीमत भी बेतहाशा बढ़ रही है। फुटकर बाजार में लहसुन 120 रुपये प्रति किलोग्राम तो अदरक 80 रुपये प्रतिकिलो की दर से बिक रही है। आमतौर पर सब्जियों के साथ मुफ्त मिलने वाली या फिर रुपये-दो रुपये में बिकने वाली धनिया की गड्डी 10 रुपये में बेची जा रही है।
मुंडेरा हरी सब्जी फल व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतीश कुशवाहा का कहना है कि बारिश की वजह से हरी सब्जियों की फसल कम हो गई है, जिसका सीधा असर बाजार में दिख रहा है। बताया कि बंगलूरू से आ रहा टमाटर 800-900 कैरेट तो लोकल टमाटर 600 रुपये कैरेट (25 किलोग्राम) के भाव पहुंच गया है। बारिश तेज हुई तो सब्जियों की पैदावार प्रभावित होगी और आवक पर भी असर पड़ेगा। इससे सब्जियों की कीमतों पर असर पड़ सकता है।