प्रयागराज। स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) में फायर सेफ्टी का काम पिछले आठ वर्षों से अधूरा है। वहीं इसकी गुणवत्ता का प्रमाण कुछ दिन पहले कार में आग लगने के दौरान सामने आया। मौके पर हाइड्रेट की पाइप लाइन से पानी ही नहीं निकला। कार्यदायी संस्था यूपी सिडको के कर्मचारी इधर-उधर भागते नजर आए। इतने लंबे समय से चल रहे फायर सेफ्टी के काम में कई खामियां अभी भी हैं।
वर्ष 2016 में स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में फायर सेफ्टी को लेकर उपकरण लगाने का काम शुरू हुआ था। इसके लिए यूपी सिडको को फायर सेफ्टी उपकरण लगाने की जिम्मेदारी मिली थी। साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से होने वाले इस काम को एक साल में पूरा हो जाना चाहिए था। मगर कार्यदायी संस्था की सुस्ती से काम अभी भी अधूरा है।
इस बीच मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की तरफ से कई बार कार्यदायी संस्था को नोटिस भी जारी किया गया। मगर संस्था पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। वर्ष 2023 में वार्डों में स्प्रिंकलर लगाने की बात कही गई थी। इसके बाद संस्था ने यह कहकर हाथ खड़े कर दिए कि इसका बजट अलग से जारी किया जाए।
बाद में स्प्रिंकलर का अलग से टेंडर कराया गया। लेकिन इसके बावजूद स्प्रिंकलर लगाने का काम अभी भी चल रहा है। ऐसे में अगर कोई घटना हुई तो बड़ी हानि होगी। वहीं काम अधूरा होने की वजह से अभी तक एनओसी की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो सकी है।
हमने कई बार एसआरएन अस्पताल में फायर सेफ्टी के इंतजामों का निरीक्षण किया। यह काम सही ढंग से नहीं किया गया है। इनमें कई खामियां हैं, जिसके लिए हमारी तरफ से संस्था को अवगत भी कराया गया है।
- राजेश कुमार, फायर सेफ्टी ऑफिसर
यूपी सिडको की तरफ से काफी धीमी गति से काम किया गया है। इसके लिए एमएलएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन की तरफ से कई बार उन्हें नोटिस भी जारी किया जा चुका है।
- डॉ. मान सिंह, नोडल, भवन निर्माण, मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज