जिस समय घटना हुई, परिवार के सभी लोग गहरी नींद में थे। लपटों की चपेट में आने से दो बच्चियों समेत दो महिलाएं झुलस गईं। पुलिस ने सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के दौरान मासूम बच्ची ने दम तोड़ दिया, जबकि तीन की हालत गंभीर बनी हुई थी।
चरवा कोतवाली के बलीपुर टाटा गांव में सोमवार की रात चूल्हे की चिंगारी से घर में आग लग गई। जिस समय घटना हुई, परिवार के सभी लोग गहरी नींद में थे। लपटों की चपेट में आने से दो बच्चियों समेत दो महिलाएं झुलस गईं। पुलिस ने सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के दौरान मासूम बच्ची ने दम तोड़ दिया, जबकि तीन की हालत गंभीर बनी हुई थी।
विज्ञापन
बलीपुर टाटा निवासी शिवालाल मजदूरी करता है। शिवलाल ने बताया कि सोमवार की रात खाना बनाने के बाद परिजन चूल्हे की आग बुझाना भूल गए। देर रात चूल्हे से उठी चिंगारी से उसके खपरैलनुमा घर में आग लग गई। इस दौरान उसकी पत्नी संतरा देवी, भयाहू नूमा देवी पत्नी धर्मेंद्र और धर्मेंद्र की दो बेटियां अंशिका (3) अनुराधा (1) गंभीर रूप से झुलस गईं। शोरगुल सुन जुटे लोगों ने पुलिस को सूचना देने के साथ ही किसी तरह आग पर काबू पाया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान देर रात अंशिका ने दम तोड़ दिया। आग से गृहस्थी का सारा सामान भी राख हो गया। मंगलवार को चायल की तहसीलदार दीपिका सिंह ने घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को मदद दिलाने का भरोसा दिया।