प्रयागराज। सिविल लाइंस में फायर ब्रिगेड चौराहे के पास स्थित होटल ली-लेज्योर में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने तीसरी मंजिल पर स्थित रसोईघर को आगोश में ले लिया। फायरब्रिगेड जब तक आग पर काबू पाती, लाखों का सामान राख हो चुका था। घटना से मौके पर घंटों अफरातफरी मची रही।
घटना भोर में साढ़े चार बजे के करीब हुई। मैनेजर विजेंद्र कुमार ने फायरब्रिगेड कार्यालय पहुंचकर सूचना दी कि उनके होटल में आग लग गई है। जानकारी पर सीएफओ आरएस मिश्रा, फायरमैन धर्मेंद्र, राजकुमार सिंंह दमकल की दो गाड़ियों समेत मौके पर पहुंचे तो पता चला कि आग होटल के तीसरी मंजिल पर बने रसोईघर में चारों तरफ फैल चुकी थी। टीम ने होटल कर्मचारियों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। लेकिन तब तक रसोईघर में रखा लाखों का सामान जलकर राख हो चुका था। इसमें तीन फ्रीजर के अलावा वहां रखा खाने पीने का भी सामान शामिल था। आग से होटल की वायरिंग को भी नुकसान पहुंचा था। साथ ही वहां रखे बर्तन भी इसकी भेंट चढ़ गए थे। सीएफओ ने बताया कि पंखे में शॉर्ट सर्किट के बाद निकली चिंगारी से आग भड़की और फिर इसने रसोईघर को चपेट में ले लिया।
भर गया था धुआं, बाहर निकाले गए मेहमान
पुलिस ने बताया कि घटना के वक्त होटल के कई कमरों में बाहर से आए मेहमान भी ठहरे थे। बगल स्थित गेस्ट हाउस में शादी समारोह भी चल रहा था। तीसरी मंजिल पर रसोईघर में आग लगने के बाद धुआं दूसरी मंजिल तक पहुंचा तो कमरों में मौजूद मेहमानों को बाहर निकाला गया। इस दौरान वहां अफरातफरी का माहौल कायम हो गया। आग बुझने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
अग्निशमन उपकरण थे, पर कर्मचारी नहीं थे प्रशिक्षित
फायरब्रिगेड कर्मचारियों ने बताया कि होटल में अग्निशमन उपकरण तो थे, लेकिन वहां के कर्मचारियों को इसे प्रयोग करने का प्रशिक्षण नहीं था। यही वजह है कि अग्निशमन के उपाय होने के बावजूद वह आग को फैलने से रोक नहीं सके। मौके पर पहुंचने के बाद फायरब्रिगेड कर्मचारियों ने पानी की बौछार के साथ इन उपकरणों का भी सहारा लिया।