नैनी बाजार स्थित गली के एक मकान के निचले हिस्से में बने प्लास्टिक गुड्स के गोदाम में मंगलवार रात आग लग गई। आग की लपटों में पहली और दूसरी मंजिल में तीन भाइयों का परिवार फंस गया जिसे स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड की मदद से बाहर निकाला। आग से एक विवाहित की मौत हो गई। जबकि परिवार वालों ने छत से कूद कर अपनी जान बचाई।
नैनी गांव निवासी रामलाल के तीन बेटे रविंद्र, संजीव और राजू बाजार की गली में रहते हैं। मकान के निचले हिस्से में प्लास्टिक के सामान का गोदाम है।
वहीं, बाजार में संजीव क्रॉकरी के नाम से उनकी दुकान है। मंगलवार रात करीब आठ बजे घर के नीचे बने गोदाम में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। पड़ोस में रहने वाले सुनील केसरवानी ने घर से धुआं उठता देखा तो शोर मचाते हुए परिवार वालों को जानकारी दी।
इस दौरान आग की लपटों से ऊपरी मंजिल में तीनों भाइयों का परिवार फंस गया।
स्थानीय लोगों ने किसी तरह रविंद्र, संजीव और राजू के परिवार को बाहर निकाला। इस आपाधापी में संजीव की पत्नी अर्चना (35) बेहोश हो गई। लोगों ने उसे निकालने का काफी प्रयास किया लेकिन वे सफल नहीं हो सके।
करीब 25 मिनट के बाद किसी तरह पुलिसकर्मियों और परिवार के लोगों ने पड़ोसी के मकान से सीढ़ी लगाकर उसे बाहर निकाला। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टराें ने महिला को मृत घोषित कर दिया।
दो साल पहले बड़े भाई रविंद्र ने फंदे पर लटक कर जान दे दी थी। मृतका के दो बेटी और एक बेटा हैं। समाचार लिखे जान तक करछना, सिविल लाइन और नैनी फायर ब्रिगेड की सात गाड़ी आग बुझाने में जुटी थी।
रविंद्र और राजू के परिवार ने छत से कूद कर बचाई जान
आग लगने से पूरे घर में धुआं भर गया। इसके बाद रविंद्र की पत्नी सरिता और बच्चे ओम व परम ने छत से बगल वाले घर में कूद कर अपनी जान बचाई। वहीं, राजू की पत्नी रुचि, बच्चे लव व गौरी ने पड़ोसी दिलीप केसरवानी के मकान में सीढ़ी लगाकर अपनी जान बचाई।
बेटी को बचाने के चक्कर में धुएं के गुबार में फंस गई थी अर्चना
अर्चना की दो बेटियां प्रियांशी, शिवांग और एक बेटा राघव है। आग लगने के कारण संजीव का पूरा परिवार तीसरे तल पर फंस गया था। दिलीप केसरवानी के घर में सीढ़ी लगाकर अर्चना ने अपने दोनों बेटी और बेटे को बाहर तो निकाल दिया लेकिन आग की लपटों में वह फंस गई। इस बीच अर्चना की बेटी प्रियांशी भी बेहोश हो गई थी। उसे नैनी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बार-बार सूचना के बाद भी नहीं बंद की गई सप्लाई
जिस समय संजीव के मकान में आग लगी थी, उस वक्त बिजली सप्लाई चालू थी। सूचना पर फायर ब्रिगेड और नैनी पुलिस मौके पर पहुंची। नैनी पुलिस ने स्थानीय एसडीओ और जेई को फोन करके सप्लाई बंद करने का प्रयास किया। आरोप है कि कर्मचारियों ने फोन नहीं उठाया। थाना प्रभारी नैनी ने मामले की शिकायत डीएम से की है।