यह आदेश न्यायमूर्ति एम सी त्रिपाठी तथा न्यायमूर्ति गजेन्द्र कुमार की खंडपीठ ने श्रीमती ज्योति कुशवाहा व मोहम्मद चांद बाबू की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है। याची का कहना था कि दोनों बालिग हैं। पीड़िता ने अपनी मर्जी से शादी की है और साथ रह रही है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हंडिया प्रयागराज निवासी मोहम्मद चांद बाबू के खिलाफ पीड़िता का अपहरण करने के आरोप में दर्ज एफआईआर रद्द कर दी है। कोर्ट ने कहा पीड़िता याची ने अपनी मर्जी से घर छोड़ा और आरोपी चांद बाबू से शादी की। दोनों से एक बच्ची भी है। दोनों खुशहाल जीवन बिता रहे हैं। ऐसे में अपराध की सजा मिलने की संभावना नहीं है। इसलिए एफआईआर निरस्त होने योग्य है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति एम सी त्रिपाठी तथा न्यायमूर्ति गजेन्द्र कुमार की खंडपीठ ने श्रीमती ज्योति कुशवाहा व मोहम्मद चांद बाबू की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है। याची का कहना था कि दोनों बालिग हैं। पीड़िता ने अपनी मर्जी से शादी की है और साथ रह रही है। इसलिए द्वितीय याची के खिलाफ अपहरण करने का केस नहीं बनता। क्योंकि, पीड़िता को जबरन नहीं ले जाया गया है। इस पर कोर्ट ने एफआईआर रद्द कर दी।