अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद मिश्रा रज्जू ने सिविल लाइंस थाने में आरोपी अधिवक्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उनका कहना है कि आरोपियों ने सांकेतिक रूप से उनकी शव यात्रा निकला, जिससे उनकी प्रतिष्ठा पर आंच आई है।
जिला अदालत में वादकारी दंपती से मारपीट और सिविल जज से दुर्व्यवहार मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर सीसीटीवी फुटेज की जांच में प्रकाश में आए वकीलों और जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष के बीच रार बढ़ गई है। अपराधिक अवमानना के आरोपी बनाए गए दो वकीलों के खिलाफ जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ने एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप लगाया है कि हाईकोर्ट के अधिवक्ता रितेश श्रीवास्तव और संजीव सिंह ने उनका सांकेतिक रूप से उनकी शवयात्रा निकाली है। जान से मारने की धमकी दी है।
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अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद मिश्रा रज्जू ने सिविल लाइंस थाने में आरोपी अधिवक्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उनका कहना है कि आरोपियों ने सांकेतिक रूप से उनकी शव यात्रा निकला, जिससे उनकी प्रतिष्ठा पर आंच आई है। आरोपी अधिवक्ताओं के खिलाफ जिला अधिवक्ता संघ ने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन को भी पत्र लिख कर करवाई करने का अनुरोध किया है।
सीसीटीवी फुटेज में पहचाने गए दस वकील
1.सैयद आफताब अहमद
2.महताब अहमद
3. संजीव सिंह
4.रितेश श्रीवास्तव
5.रवि सोनकर
6.आदर्श शुक्ला
7.विकास सिंह
8. ऋषभ सिंह
9.सत्यवान सिंह
10. आदर्श उर्फ आंसू