प्रयागराज के मंडलायुक्त कार्यालय में अपर आयुक्त (न्यायिक) जयजीत कौर को कथित रूप से धमकाने, अभद्रता करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में कर्नलगंज थाने में पवन कुमार विश्वकर्मा और उसके 10-12 साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रयागराज के मंडलायुक्त कार्यालय में अपर आयुक्त (न्यायिक) जयजीत कौर को धमकाने और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में कर्नलगंज थाने में केस दर्ज किया गया है। शिकायत के आधार पर पवन कुमार विश्वकर्मा और उसके 10-12 साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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शिकायत के अनुसार 17 जुलाई 2026 को सुबह करीब 11 बजे आरोपी अपने साथियों के साथ मंडलायुक्त कार्यालय स्थित अपर आयुक्त (न्यायिक) के कक्ष में पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने एक विचाराधीन मामले में अपने पक्ष में फैसला कराने के लिए दबाव बनाया। जब अपर आयुक्त ने कहा कि न्यायालय में निर्णय गुण-दोष के आधार पर होगा, तो आरोपियों ने कथित रूप से धमकी दी। अभद्र भाषा का प्रयोग किया और बाद में देख लेने की चेतावनी भी दी। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपियों ने मंडलायुक्त कार्यालय में नारेबाजी की, जिससे सरकारी कार्य बाधित हुआ और कार्यालय की गरिमा प्रभावित हुई।
बताया गया कि आरोपी पवन कुमार विश्वकर्मा के खिलाफ पहले से भी हंडिया थाने में मारपीट, गाली-गलौज, धमकी तथा आबकारी अधिनियम से जुड़े दो मामले दर्ज हैं। साथ ही वर्ष 2022 में उसके विरुद्ध उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई भी प्रस्तावित की गई थी। शिकायतकर्ता ने उसके आपराधिक इतिहास का हवाला देते हुए स्वयं के खिलाफ किसी अप्रिय घटना की आशंका भी जताई है। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 221, 351(2), 352 और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक अनुराग वर्मा को सौंपी है।