फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गायब दो सफाई कर्मियों के खिलाफ एफआईआर

विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना वायरस से बचाव को लेकर विकास भवन में बने वार रूम के निरीक्षण के दौरान डीएम भानुचंद्र गोस्वामी को हर स्तर पर खामियां मिलीं। अफसरों और कर्मचारियों के गायब रहने से लेकर सफाई में लापरवाही तक की शिकायत रही। इससे नाराज डीएम ने एडीपीआरओ एवं कर्मचारियों को फटकार लगाई तथा नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। इसके बाद प्रतापपुर और करछना के एक-एक कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर लिखाई गई।
विज्ञापन

डीएम ने ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई को अभियान के तौर पर लेने का निर्देश दिया। डीपीआरओ से रोजाना की रिपोर्ट भी मांगी। उन्होंने चिह्नित स्थानाें के नियमित सैनिटाइज का भी निर्देश दिया। सफाई कर्मचारी गांवों में जा रहे हैं या नहीं इस पर निगरानी के लिए जीयो टैगिंग कराने को कहा। निरीक्षण के दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार ने बताया कि 15 हजार पेंशनधारकों में से 50 प्रतिशत के राशन कार्ड बन गए हैं। उधर, डीपीआरओ रेनू श्रीवास्तव ने भी ड्यूटी से गायब रहने वाले सफाई कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
लापरवाही पर छह लेखपाल निलंबित
ड्यूटी से गायब रहने तथा काम में लापरवाही के आरोप में हंडिया तहसील में तैनात छह लेखपालों को निलंबित कर दिया गया है। एसडीएम ने शनिवार को यह कार्रवाई की। इनमें पांच महिला लेखपाल हैं। सभी को तहसील मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। लेखपाल वैशाली जायसवाल, रितु सिंह, अंकिता श्रीवास्तव, प्रियंका पालिवाल, प्रेमलता सिंह और जयप्रकाश के ड्यूटी स्थल से गायब रहने की लगातार शिकायत की मिल रही थी। जबकि, कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के मद्देनजर इनकी जिम्मेदारी बढ़ गई है। एसडीएम सुभाष चंद्र यादव ने शिकायतों की जांच नायब तहसीलदार को सौंपी थी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। इन लोगों को फोन पर लगातार चेतावनी दी गई। इसके बावजूद इन लोगों ने अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से नहीं लिया। तहसीलदार को पूरे मामले की जांच सौंपी गई है। उन्हें एक महीने में रिपोर्ट सौंपनी है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें