देवरिया जेल में पिटाई के मामले में अतीक अहमद की मुसीबतें बढ़ गई हैं। अब तक चुप बैठा प्रापर्टी डीलर सोमवार को सामने आया। उसने अतीक और उसके गुर्गों के खिलाफ धूमनगंज थाने में तहरीर दी। जेल में प्रापर्टी डीलर ही नहीं, दो और लोगों को पीटा गया था। इस मामले में पुलिस ने देर रात एफआईआर दर्ज कर ली।
बम्हरौली में पोंगहट पुल के पास रहने वाला मो. जैद खालिद अतीक के बेहद करीबी का दामाद है। जैद कई सालों से प्रापर्टी डीलिंग का काम करता है। उसका आरोप है कि 22 नवंबर 2018 को वह अपने चचेरे भाई उमैश अहमद और दोस्त अभिषेक पांडेय के साथ कार से जा रहा था। उसी समय धूमनगंज में पीएसी गेट के सामने अतीक के गुर्गों ने असलहा सटाकर तीनों का अपहरण कर लिया। रास्ते में पिटाई की गई। कार में रखे 80 हजार रुपये और सोने का ब्रेसलेट भी अतीक के गुर्गों ने छीन लिया। इसके बाद तीनों को देवरिया जेल ले जाया गया। वहां अतीक अपने लोगों के साथ बैठा था। उसने जैद से कहा कि उसकी जो विश्नापुरी में करोड़ों की जमीन है, वह भूल जाए। जहां कहूं चुपचाप बैनामा कर दे नहीं हत्या कर दी जाएगी।
जब जैद ने कहा वह ऐसा क्यों कर रहे हैं तो अतीक और उसके गुर्गों ने लाठी डंडों से बुरी तरह से पीटा। जेल में वे तीनों चीखते-चिल्लाते रहे लेकिन, कोई भी उन्हें बचाने नहीं आया। पीटने के बाद जैद, उमैश और अभिषेक को जेल से बाहर निकाल दिया गया। तीनों चुपचाप प्रयागराज आ गए। कुछ दिन पहले जब लखनऊ के व्यवसायी मोहित जायसवाल को देवरिया जेल में पीटा गया और अतीक के खिलाफ कार्रवाई हो गई तो उनकी हिम्मत बढ़ी। सोमवार को जैद अपने वकीलों के साथ धूमनगंज इंस्पेक्टर संदीप मिश्रा से मिला और उन्हें अतीक और उसके गुर्गों के खिलाफ तहरीर दी। इसके बाद तहरीर को मुख्यमंत्री, डीजीपी, प्रमुख सचिव गृह, एडीजी लॉ एंड आर्डर, एडीजी प्रयागराज जोन, आईजी और एसएसपी प्रयागराज को भी रजिस्ट्री कर दी गई। एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव के मुताबिक तहरीर के मुताबिक रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच कराई जा रही है।
अतीक के खिलाफ तहरीर देने वाले पोंगहट पुल निवासी जैद कभी अतीक के करीबियों में शुमार हुआ करता था। उसके ससुर राजू पाल हत्याकांड में अतीक के साथ आरोपी हैं। देवरिया जेल में पिटाई के बाद जैद अब खुलकर अतीक के सामने आ गया है।
जैद ने जो तहरीर दी है कि उसके मुताबिक 22 नवंबर को वह, उमैश और अभिषेक कार से जा रहे थे तभी अतीक का साढ़ू इमरान निवासी चकिया, अतीक की बहन का दामाद खालिद जफर, सद्दाम, अली अहमद, मो. अहमद, हमदान, फैसल और उसैद निवासी मरियाडीह, अरशद निवासी उमरी, मो. राशिद निवासी चकिया, विजय राय निवासी विश्नापुरी, सभी असलहा लगाए थे। उन लोगों ने पीएसी कालोनी के पास रोका तीनों कुछ समझ नहीं पाए। उन्हें चारों ओर से घेर लिया गया और गाली गलौज करते हुए कहा कि अभी देवरिया जेल चलना है। जब कारण पूछा तो कहा फरहान ने भेजा है। अतीक ने तुरंत आने को कहा है, किसी ने ज्यादा बोला तो तुरंत गोली मार दी जाएगी।
जैद का कहना है कि वह कई सालों से प्रापर्टी डीलिंग का काम कर रहा है। उसने धीरे धीरे करके काफी जमीन खरीद ली। अब जमीनों की कीमतें काफी बढ़ गईं। इसी के बाद अतीक अहमद उस पर दबाव बढ़ाने लगा। अक्सर उससे कहा जाता कि इतने पैसे लेकर फलां जमीन का बैनामा कर दो। जब उसने बात मानना बंद कर दिया तो अतीक ने अपहरण कर उसे देवरिया जेल में पीटा।
जैद की तहरीर के मुताबिक अतीक अहमद ने देवरिया जेल में तीनों को पीटने के बाद धमकाया कि जिस दिन उमेश पाल को मारूंगा, नेशनल टीवी पर 15 दिन यह मामला छाया रहेगा। उमेश की मुखबिरी भी करनी पड़ेगी।
देवरिया जेल में अतीक अहमद की कारगुजारियों के सामने आने के बाद उसके गुर्गों पर भी शिकंजा कसना शुरू हो गया। रविवार को धूमनगंज पुलिस ने उसके चार गुर्गों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की। यह सभी अतीक के लिए काफी समय से काम कर रहे हैं। इनमें मो.आमिर उर्फ भुट्टो निवासी बेली गांव, मो.राशिद निवासी चकिया, दिलशाद उर्फ सुल्ला निवासी चकिया एवं आफताब उर्फ मुन्ने निवासी पूरामुफ्ती शामिल हैं। गैंगस्टर में निरुद्ध हुआ भुट्टो कई और वारदातों में भी अतीक के साथ शामिल रहा है। सुल्ला और आफताब भी कई वारदात अंजाम दे चुके हैं पुलिस इस गिरोह के दूसरे गुर्गों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।