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शादीशुदा बालिग पर अपहरण की एफआईआर रद्द, कोर्ट ने कहा- सुखी वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप गलत

Mon, 17 May 2021 08:21 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि दो बालिगों के परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी करने पर अभियोजन को अपहरण का केस चलाने की अनुमति देना न केवल कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है वरन सुखी वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप करना है। ऐसा एफआईआर रद्द होने योग्य है।
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कोर्ट ने इटावा की कोतवाली में अपहरण के आरोप में दर्ज प्राथमिकी व कार्यवाही को रद्द कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति डा. केजे ठाकर तथा न्यायमूर्ति अजीत सिंह की खंडपीठ ने कपिल व अन्य की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है। याची अधिवक्ता दिनेश कुमार मिश्र का कहना था कि पीड़िता की उम्र 19 साल व याची की उम्र 23 साल है। दोनों बालिग हैं और अपनी मर्जी से शादी की है। किंतु लड़की के परिवार वालों ने अपहरण का केस दर्ज कराया है। याची पर अपहरण का कोई केस बनता ही नहीं है। इस पर सहमत होते हुए कोर्ट ने दर्ज एफआईआर और कार्यवाही रद्द कर दी है।
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