इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2016 यतीमखाना बेदखली मामले में अंतिम सुनवाई के लिए नौ अक्तूबर तिथि तय कर दी है। साथ ही तब तक ट्रायल कोर्ट के अंतिम फैसले पर लगी रोक बढ़ा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन की एकलपीठ ने आजम खां और अन्य सह-आरोपियों की अर्जी पर दिया है। सपा नेता आजम खां व अन्य ने ट्रायल कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल कर मुख्य गवाहों, विशेष रूप से सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जफर अहमद फारूकी की दोबारा गवाही और महत्वपूर्ण वीडियो फुटेज को रिकॉर्ड में लाने की मांग की थी।
उनका कहना था कि इससे घटनास्थल पर उनकी अनुपस्थिति साबित हो सकती है। ट्रायल कोर्ट ने इस मांग को 30 मई 2025 के आदेश से खारिज कर दी थी। इसे याचियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। रामपुर के कोतवाली थाने में 2016 में यतीमखाना ढहाने के मामले में 2019 में मुकदमा दर्ज कराया गया था। आजम खां और अन्य पर जबरन बेदखली, डकैती, गृह में अनधिकृत प्रवेश-आपराधिक षड्यंत्र जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।