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High Court : सिर्फ अर्जी के सहारे पीआईएल दाखिल करना उचित नहीं, अतिक्रमण हटाने वाली याचिका खारिज

Mon, 04 May 2026 04:44 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि केवल अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देने के आधार पर जनहित याचिका (पीआईएल) दाखिल करना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। बिना ठोस साक्ष्य के दाखिल याचिकाएं स्वीकार नहीं की जा सकतीं।
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अदालत। - फोटो : अमर उजाला
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि केवल अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देने के आधार पर जनहित याचिका (पीआईएल) दाखिल करना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। बिना ठोस साक्ष्य के दाखिल याचिकाएं स्वीकार नहीं की जा सकतीं। इस टिप्पणी के साथ अरुण भंसाली और क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने प्रयागराज निवासी प्रियंका सिंह की जनहित याचिका को खारिज कर दी।

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याचिका में कालिंदीपुरम आवास योजना, राजरूपपुर क्षेत्र की एक लिंक रोड से अतिक्रमण हटाने और अवरोध समाप्त करने का निर्देश देने की मांग की गई थी। कोर्ट ने याचिका की समीक्षा के बाद पाया कि जिस लिंक रोड का दावा किया गया है, उसके अस्तित्व को साबित करने के लिए कोई ठोस दस्तावेज या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। कोर्ट ने टिप्पणी की कि सिर्फ आवेदन देने और आरोप लगाने भर से जनहित याचिका का आधार नहीं बनता। याचिका में ठोस तथ्य और प्रमाण का अभाव है, इसलिए इसमें कोई मेरिट नहीं बनता।

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