सिद्धार्थनगर में जिंदगी और मौत के बीच घंटों झूलते रहे दो बच्चों के लिए भारतीय वायुसेना संकटमोचक बन गई। ऊंचे वाटर टैंक पर चढ़े दो बच्चे सीढ़ी क्षतिग्रस्त होने से ऊपर ही फंस गए थे।
सिद्धार्थनगर में जिंदगी और मौत के बीच घंटों झूलते रहे दो बच्चों के लिए भारतीय वायुसेना संकटमोचक बन गई। ऊंचे वाटर टैंक पर चढ़े दो बच्चे सीढ़ी क्षतिग्रस्त होने से ऊपर ही फंस गए थे। रात होने और नीचे उतरने का रास्ता न होने से स्थिति और भी गंभीर हो गई थी। बच्चों की जान को खतरे में देखते हुए प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने प्रयागराज स्थित मध्य वायु कमान मुख्यालय के अफसरों से संपर्क साधा और मदद की गुहार लगाई। सूचना मिलते ही मध्य वायु कमान (सीएसी) ने तत्परता दिखाई और अपने आधुनिक एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर को रेस्क्यू मिशन के लिए रवाना कर दिया।
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वायुसेना के पायलट और गरुड़ कमांडो ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच सटीक कार्रवाई करते हुए बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया। भारतीय वायुसेना की इस त्वरित प्रतिक्रिया और पेशेवर कार्यकुशलता की हर तरफ सराहना हो रही है। सुरक्षित नीचे उतारे जाने के बाद बच्चों के परिजनों ने वायुसेना और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता एवं विंग कमांडर देवार्थों धर ने बताया कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच वायुसेना के जांबाज पायलटों ने सिद्धार्थनगर पहुंचकर सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया।