कैंट स्थित सीडीए पेंशन कार्यालय में सोमवार को भीषण आग लग गई। कार्यालय के दूसरे तल पर लगी आग में फर्नीचर व कुछ दस्तावेज जलकर राख हो गए। मौके पर पहुंची फायरब्रिगेड को आग बुझाने में तीन घंटे लग गए। आग कैसे लगी, इस बाबत कुछ पता नहीं चल सका। आशंका है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से घटना हुई।
घटना सुबह 10.30 बजे के करीब हुई। कर्मचारी कार्यालय पहुंचे ही थे कि अचानक परिसर में धुआं फैलने लगा। मालूम हुआ कि धुआं दूसरे तल से उठ रहा है। कर्मचारी भागकर पहुंचे तो देखा कि वहां अतिरिक्त नियंत्रक के कार्यालय में आग लगी थी। कोई कुछ समझ पाता, इससे पहले ही आग बगल में ही स्थित टीसीएस विंग तक फैल गई। इससे अफरातफरी मच गई और कर्मचारी कार्यालय से निकलकर बाहर खड़े हो गए।
सूचना पर फायरब्रिगेड पहुंच गई। फायरकर्मी भीतर पहुंचे तो देखा कि दूसरे तल पर रखे फर्नीचर व फोम भी जल रहा था। यहां से अतिरिक्त नियंत्रक के कार्यालय तक पहुंचना मुश्किल था। ऐसे में फायरकर्मियों ने सीढ़ी लगाकर भीतर पानी की बौछार शुरू की। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. राजीव पांडेय ने बताया कि आशंका है कि आग शाॅर्ट सर्किट से लगी। घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है।
वैकल्पिक व्यवस्था न होने से बाधित हुआ काम
सीडीए पेंशन कार्यालय में वैकल्पिक व्यवस्था न होने से बचाव कार्य बाधित भी हुआ। दरअसल कार्यालय में अग्निशमन उपकरण तो थे ही लेकिन पानी के पंप का कनेक्शन जनरेटर से नहीं था। ऐसे में बिजली आपूर्ति बाधित होने से फायरकर्मियों को पानी नहीं मिल सका। जिसके बाद दमकल की तीन गाड़ियां बुलानी पड़ीं। इसके अलावा 12 हजार लीटर का पानी का टैंक भी मंगवाना पड़ा।