श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के प्रमुख और अखाड़ा परिषद् के उपाध्यक्ष महंत दुर्गा दास ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी और महामंत्री हरि गिरि पर दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया है।
श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के प्रमुख और अखाड़ा परिषद् के उपाध्यक्ष महंत दुर्गा दास ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी और महामंत्री हरि गिरि पर दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया है। रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि रविंद्र पुरी और हरि गिरि के द्वारा लगाए गए आरोप बेहद अपमानजनक हैं। यह दोनों लोग संतों को जातियों में बांटकर संत समाज में फूट पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं।
कहा कि सनातन धर्म में सिर्फ 13 अखाड़े ही हैं। इसके अलावा कोई अन्य अखाड़ा नहीं है, लेकिन अखाड़ा परिषद नए अखाड़ों को मान्यता देकर सनातन धर्म के विपरीत कार्य कर रहा है। आरोप लगाया कि हरि गिरि ने प्रयागराज में यमुना तट पर मौज गिरि आश्रम का निर्माण कराया है यह पंचायती अखाड़े की भूमि है। इसके पास बहुमंजिला इमारत का भी निर्माण कराया गया है। कहा कि इमारत और आश्रम हरित प्राधिकरण के नियमों के विपरीत बनाया गया है। इसकी जांच होनी चाहिए। नदी के किनारे निर्माण पर पूरी तरह से प्रतिबंधित है।