किसान सेवा सहकारी समिति करमा में कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन तालाबंदी और हड़ताल शुरू कर दी है। इसके कारण करीब 1500 किसानों के सामने खाद का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। आलू, मटर, सरसों और गेहूं की बुआई के इस महत्वपूर्ण समय में खाद वितरण ठप है।
करमा क्षेत्र में समिति के दो केंद्र संचालित होते हैं, जिनसे किसानों को यूरिया और डीएपी खाद मिलती है। तालाबंदी से किसानों को खाद मिलने में भारी दिक्कतें आ रही हैं। कर्मचारियों की मुख्य मांगें उन्हें राज्य कर्मचारी घोषित करना और वेतन नियमित करना है।
किसान सेवा सहकारी समिति के जिला अध्यक्ष जमुनापार जय कुमार तिवारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सहकारी समिति कर्मचारी लखनऊ स्थित इको गार्डन में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार को यह आंदोलन अपने सातवें दिन भी जारी रहा। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि मांगें पूरी न होने तक तालाबंदी और धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
आंदोलन में नीरज सिंह, पुष्कर द्विवेदी, कौशलेश सिंह, हरिशंकर तिवारी और संजय पांडेय जैसे कई कर्मचारी शामिल हैं। तालाबंदी के कारण किसानों को खाद की उपलब्धता को लेकर चिंता सता रही है। यदि यह आंदोलन लंबा खिंचता है, तो बुआई के इस मौसम में किसानों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। डीएपी खाद की किल्लत की आशंका भी बनी हुई है।