मानधाता के उसरापुर में घटना के दुसरे दिन जुटी रही ग्रामीणों की भीड़।
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रास्ते के विवाद में पालीटेक्निक छात्र की लाठी-डंडे से पीटकर हुई हत्या को लेकर गांव में तनाव बरकरार है। छात्र के परिजन हत्यारोपी प्रधान समेत अन्य की गिरफ्तारी, डीएम-एसपी को बुलाने और 10 लाख रुपये आर्थिक मदद मिलने के बाद ही शव के अंतिम संस्कार करने पर अड़े थे। मौके पर पहुंचे सीओ व एएसपी पूर्वी भी परिजनों को समझाने में नाकाम रहे।
मानधाता थाना क्षेत्र के उसरापुर बद्री प्रसाद पटेल पूर्व प्रधान थे। उनका पड़ोसी रामआसरे गुप्ता के बीच रास्ते को लेकर विवाद चल रहा है। मंगलवार की सुबह रास्ते में उपलेे पाथने के विवाद में दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस दौरान मंजीत पटेल पुत्र बद्री प्रसाद पटेल को हमलावरों ने लाठी-डंडे से पीटकर मौत के घाट उतार दिया। मारपीट में दोनों पक्षों के नौ लोग घायल हुए थे। बुधवार की सुबह परिजनों ने मंजीत के शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया।
वह डीएम व एसपी को बुलाने पर अड़े थे। उनका कहना था कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। परिवार की सुरक्षा के लिए दो शस्त्र लाइसेंस, 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद, हत्यारोपी प्रधान समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जिद पर अड़े रहे। मौके पर पहुंचे सीओ रानीगंज को बैरंग लौटा दिया।
शाम को एएसपी पूर्वी सुरेंद्र प्रसाद द्विवेदी मौके पर पहुंचे और परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया लेकिन बात नहीं बनी। परिजन शव घर के बाहर रखकर मांगें पूरी होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। मानधाता थाने में बद्री प्रसाद की तहरीर पर पुलिस ने प्रधान इंद्र कुमार मिश्र उर्फ पियरी महराज, रामआसरे गुप्ता, रवि, अनिल, शिवम समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस ने अनिल समेत तीन लोगों को हिरासत में ले रखा है। प्रभारी थानाध्यक्ष मानधाता ने बताया कि प्रधान समेत अन्य नामजद आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।