योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने बृहस्पतिवार को योगी की सभा में विशेष सावधानी बरती। कोई विवाद न हो इसके लिए उन्होंने आज लिखा हुआ भाषण पढ़ा। नंदी का भाषण समाप्त होने के बाद सीएम योगी ने भी हंसते हुए कहा कि मैने आज पहले ही नंदी जी को कह दिया था कि वे उपदेश न दे। उनके यह कहते मंच पर मौजूद सभी भाजपाई हंसने लगे।
दरअसल नंदी ने चार मार्च को आयोजित सभा में सपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती आदि नेताओं की रामायण के राक्षस व राक्षसी पात्रों से तुलना कर दी थी। इसके बाद मचे हंगामें के बाद उन्होंने अपना बयान भी वापस लिया था। उधर अल्लापुर में आयोजित सभा में नंदी ने कहा कि फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में पिता और पुत्र ने अपने-अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं। कहा कि मुलायम और उनके भाई ने अतीक अहमद को तो उनके पुत्र अखिलेश यादव ने नागेंद्र सिंह पटेल को प्रत्याशी के रूप में खड़ा किया है। हालांकि भाजपा प्रत्याशी कौशलेंद्र सिंह पटेल की सीधी लड़ाई पिता एवं चाचा द्वारा खड़े किए प्रत्याशी अतीक अहमद से ही है। नंदी ने सीएम योगी की शान में भी कसीदे गढ़े। कहा कि योगी अपराधियों के लिए जितने कठोर है उतने ही वह गरीबों के लिए मोम है। कहा कि देश में एवं राज्य में रामराज्य की शुरूआत हो चुकी है। इलाहाबाद में कुंभ मेले की तैयारियों का भी उन्होंने जिक्र किया।
अल्लापुर में आयोजित चुनावी सभा में शहर उत्तरी विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी ने सीएम योगी आदित्यनाथ को एक स्मृति चिह्न भेंट किया। उन्होंने योगी आदित्यनाथ का माल्यापर्ण कर स्वागत भी किया। इस दौरान हर्ष ने कहा कि शहर उत्तरी विधानसभा से भाजपा को हर बार सर्वाधिक वोट मिलते हैं। इस बार भी लोकसभा उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी को सर्वाधिक वोट शहर उत्तरी से ही मिलेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभा में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद विनोद सोनकर को मंच से बोलने का मौका नहीं मिला। इसे लेकर विनोद सोनकर के समर्थकों में खासी नाराजगी रही, जबकि चार मार्च को प्रीतम नगर में आयोजित सभा में विनोद सोनकर को बोलने का मौका मिला था। इस दौरान उन्होंने खूब तालियां भी बटोरी थी। उधर इलाहाबाद के सांसद श्यामाचरण गुप्ता की गैर मौजूदगी भी चर्चा का विषय रही। इस बारे में सांसद से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वह दिल्ली में संसद सत्र में प्रतिभाग कर रहे हैं।