बारा खास के मजरा हरदी में रविवार सुबह ट्यूबवेल के पास घास की सफाई कर रहे पिता-पुत्र की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए प्रयागराज भेज दिया है।
बारा के हरदी निवासी किसान विनोद कुमार बिंद (60) और उनका बेटा धनू कुमार (32) गांव में खेती किसानी का काम करते थे। रविवार को सुबह धनू कुमार घर के पास बैगन के नर्सरी में निराई गुड़ाई कर रहे थे और पिता ट्यूबवेल पर जाने की बात कह कर चले गए थे।
वहां वह ट्यूबवेल के आसपास की घास साफ करने लगे। ट्यूबवेल तक बिजली ले जाने के लिए खेत में केबल बिछाया गया था। जैसे ही वे सफाई करने लगे तभी करंट की चपेट में आ कर गिर गए।
इधर, पिता के लौटने पर विलंब होने लगा तो धनू कुमार भी खेत की ओर चला गया। वहां पिता को गिरा देखा तो दौड़कर उठाने लगा। इससे वह भी करंट की चपेट में आ कर गिर गया। कुछ देर में परिजनों को जानकारी हुई तो वे भाग कर खेत गए।
फौरन दोनों को जसरा के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। जहां डाॅक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
रोते बिलखते परिजन शव लेकर वापस लौट आए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए प्रयागराज भेज दिया है। गांव में एक साथ पिता-पुत्र की मौत से मातम छा गया है। मृतक धनु कुमार दो भाइयों में बड़ा था। मामले में एसीपी बारा वेद व्यास मिश्र ने बताया कि करंट की चपेट में आने से उनकी मौत हुई है।
विनोद कुमार बिंद औरधनू कुमार की करंट से मौत हो जाने से परिवार बेसहारा हो गया है। धनू कुमार के तीन बच्चों के सिर से पिता और बाबा का साया उठ गया है। धनू कुमार के दो बेटे विवेक कुमार बिंद (12) और दूसरा सात वर्ष का आयुष कुमार बिंद है और नौ वर्ष की बेटी अनुप्रिया कुमारी है। पत्नी पुष्पांजलि देवी और तीनों बच्चों का रो रोकर हाल बेहाल है। तीन माह पहले ही धनू कुमार की मां केशकली की भी मौत सड़क हादसे में हुई थी।
बारा के हरदी गांव के मृतक धनु कुमार बिंद की फाइल फोटो- फोटो : samvad