हल-बैल के साथ सड़कों पर उतरे किसानों ने बुधवार को प्रतापपुर ब्लॉक मुख्यालय पर अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के बैनर तले जुटे किसानों ने गांवों की अनदेखी और लंबित समस्याओं पर नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर मांगों का निस्तारण नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद किसानों ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
भाकियू कार्यकर्ता मियां का पूरा से हल-बैल के साथ जुलूस निकालते हुए प्रतापपुर ब्लॉक मुख्यालय पहुंचे। जिला अध्यक्ष रमीज नकवी के नेतृत्व में आयोजित धरना-प्रदर्शन के दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि पूर्व में दिए गए ज्ञापन के बावजूद क्षेत्र की समस्याओं का समाधान नहीं कराया गया।
इसके अलावा ग्राम गोसैसीपुर के पंचायत भवन की मरम्मत और हैंडपंप रीबोर, ग्राम सभा मोहिउद्दीनपुर में स्कूल के सामने से सलारगंज तक नाले की सफाई तथा मौजा गोठवां में सतीश पुत्र जगनारायण की नाली पर हुए अतिक्रमण को हटाने की मांग भी की गई। किसानों का कहना था कि बरसात से पहले इन समस्याओं का समाधान नहीं होने पर जलभराव और बीमारियों का खतरा बढ़ जाएगा।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर मांगों का निस्तारण नहीं किया गया तो आक्रोशित किसान फूलपुर-वारी संपर्क मार्ग पर धरना देने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और खंड विकास अधिकारी प्रतापपुर की होगी।
धरना-प्रदर्शन के बाद नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान लाल प्रताप यादव, देवेंद्र खन्ना, विनोद पांडेय, भोला प्रजापति, देवनाथ भारतीय, संगीता गौतम, गुंजा पटेल, सीताराम सिंह, सुरेश मास्टर, सुषमा पाल, नफीस अंसारी, सुभाष यादव, परवेज सिद्दीकी, बाबर अंसारी, फैसल सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।