करमा। करमा बाजार के रामचंद्र पटेल सेम की खेती के बारे में बातते हुए। (फोटो स्वयं)
सेम की खेती किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। सेम की खेती से किसान रामचंद्र पटेल की कमाई बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि सेम के साथ ही वे बरबटा एवं करैला की भी खेती करते हैं। बरबटा, करैला एवं सेम को मंडियों में बेचकर अच्छी खासी रकम पा जाते हैं।
विकासखंड कौंधियारा के करमा बाजार के रहने वाले रामचंद्र पटेल लगभग सवा बीघा की जमीन पर सेम की खेती करते हैं। उन्होंने बताया कि सेम की बीज वाराणसी से ले आए थे। बीज की कीमत चार रुपये में एक किलो था। सवा बीघा की खेती में लगभग तीनों सब्जियों की फसलों को तैयार करने में लगभग पचास हजार रुपये की लागत आई है। मुनाफे की बात की जाए तो दोगुना का फायदा होने की उम्मीद है।
उन्हाेंने बताया कि सेम की फसल जैसे-जैसे तैयार होती है, उसे तोड़कर बेचने के लिए मंडी में ले जाया जाता है। सेम को अच्छे दाम जिस आढ़ती से मिलता है, वहीं पर बेच दिया जाता है।