ब्लॉक क्षेत्र के ऊंचडीह बस स्टॉप चौराहे पर झोलाछाप के कथित गलत इलाज से एक किसान की मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के भाई की तहरीर पर मेजा पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है।
मेजा थाना क्षेत्र के सोनाई गांव निवासी किसान जयलाल पटेल (46) पुत्र स्व. मेवालाल पटेल मंगलवार की शाम करीब 6:40 बजे खेत में पानी लगा रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें ऊंचडीह बस स्टॉप चौराहे पर स्थित एक क्लीनिक पर ले गए।
आरोप है कि क्लीनिक पर मौजूद झोलाछाप डॉक्टर ने जयलाल को इंजेक्शन लगाने के साथ कुछ दवाएं दीं। मृतक के बड़े भाई रामलाल पटेल का आरोप है कि इंजेक्शन लगने के 10 मिनट बाद जयलाल की हालत और बिगड़ गई और उनके मुंह से झाग निकलने लगा। इससे घबराए परिजन उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मौत की खबर मिलते ही परिजन शव लेकर झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक पहुंच गए और हंगामा करने लगे। सूचना पर मेजा थाने के दरोगा मनोज यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर मामला शांत कराया।
बुधवार सुबह पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए शहर भेज दिया। मृतक के भाई रामलाल पटेल ने पुलिस को तहरीर देकर झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मेजा थाना प्रभारी दीनदयाल सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर झोलाछाप डॉक्टर की तलाश की जा रही है। जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।