सांवरा जलालपुर के कर्जदार किसान राजेश पटेल (45) ने डीएम कार्यालय के सामने पहले सिर फोड़ा और अपने ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने की कोशिश की। वहां मौजूद होमगार्ड तथा अन्य स्टाफ ने उसे पकड़कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। कलक्ट्रेट में आत्मदाह करने के प्रयास की खबर से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम ने किसान के बारे में एसडीएम हंडिया और थाना प्रभारी उतरांव से पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट मांगी है। किसान फिर से गलत कदम न उठा लें। इसी वजह उसे उसे शांति भंग के आरोप में जेल भेज दिया है।
सोमवार सुबह साढ़े नौ बजे कार्यालय डीएम कक्ष में अपर जिलाधिकारी लोगों की समस्याएं सुन रह थे। उसी समय राजेश पटेल अपनी पत्नी शंकरा देवी के साथ कलक्ट्रेट में डीएम कक्ष के बाहर पहुंच गया। उसने चीख-चीख कर अपना सिर दीवार से मारा और लहूलुहान हो गया। करीब पांच मिनट के बाद जेब से प्लास्टिक की शीशी निकाली और मिट्टी का तेल अपने ऊपर डाल लिया। थोड़ी दूरी पर खड़े होमगार्ड और चपरासी उसके पास पहुंचे और उसे पकड़ लिया। खबर मिलने पर एडीएम भी कक्ष से बाहर निकल गए। गेट के बाहर खड़ी 100 सेवा की गाड़ी बुलाई और राजेश को थाना कर्नलगंज भेज दिया।
किसान राजेश पटेल ने बताया कि उसकी हाईवे पर आठ बिस्वा जमीन है। उस जमीन पर गांव के लोगों की नजर है। करीब पांच साल पहले राजेश के पिता और बच्चे बीमार हो गए। उपचार के लिए सरकारी स्तर से मदद नहीं मिली। मजबूरी में उसने गांव के अरविंद मौर्य से सवा दो लाख, अवधेश यादव से ढाई लाख और उमाकांत पंडित से सवा लाख का कर्जा लिया था। अवधेश यादव ने कर्ज की एवज में उसकी चार विश्वा जमीन का बैनामा करा लिया था।
करीब छह महीने से अरविंद मौर्य और उमाकांत पंडित भी कर्ज को नौ लाख रुपये बताकर बैनामा कराने के लिए दबाव बनाए हुए हैं। राजेश इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से लेकर डीएम से कर चुका है। जिसकी जांच की जा रही है। इसी बीच अरविंद मौर्य और उमा कांत पंडित ने किसान को दिए गए कर्ज की एवज में बची हुई आठ बिस्वा जमीन का कब्जा लेने के लिए अदालत में मुकदमा दायर कर दिया। जिसका किसान को नोटिस मिल गया है। उसी के बाद से वह अपनी जमीन को बचाने के लिए अफसरों के यहां न्याय की गुहार लगा रहा है। राजेश की पत्नी शंकरा देवी का कहना है कि कर्ज के कारण पति (राजेश) कई महीने से परेशान है। परिवार में दो बेटी और दो बेटा है। वह खुद मेहनत करके बच्चों का पेट पाल रही है।