बाइक पर 12 घंटे तक शव लेकर घूमते रहे परिजन
किशोरी ने फांसी लगा जान दी थी, लाश को ठिकाने लगाने की थी तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
कल्यानपुर (कौशाम्बी)। कोखराज कोतवाली के शहजादपुर गांव में सोमवार को किशोरी ने फांसी लगाकर जान दे दी। परिजन पुलिस को सूचना देने के बजाय 12 घंटे तक शव को ठिकाने लगाने की जुगत में लगे रहे और बाइक पर लाश लेकर इधर-उधर टहलते रहे। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सख्ती की तो शव बरामद हुआ। पुलिस का मानना है कि लोकलाज के भय से परिजन शव को उठा ले गए थे।
शहजादपुर गांव की कोमल उर्फ मिर्ची (14) पुत्री अशर्फीलाल सोनकर को किसी बात को लेकर उसके बड़े भाई ने सोमवार की सुबह पीट दिया। इसके बाद कोमल बिना किसी से कुछ बताए घर से चली गई। कुछ देर बाद पता चला कि कोमल का शव गांव के बाहर एक पेड़ पर फांसी से लटक रहा है। मौके पर पहुंचे परिजनों ने आनन-फानन शव फांसी से उतारा और उसे बाइक पर लादकर कहीं चले गए। सारा दिन न तो परिजनों का पता चला और न ही कोमल की लाश का। इस बीच किसी ग्रामीण ने पुलिस को खबर कर दी।
सूचना पर इंस्पेक्टर कोखराज राकेश तिवारी मौके पर पहुंचे। पूछताछ में पहले परिजनों ने बताया कि कोमल ने फांसी लगा ली थी। परिवार के लोग उसे इलाज के लिए ले गए हैं। अस्पताल का पता पूछने पर परिजन टूट गए और उन्होंने रघुनाथपुर गांव के समीप से पुलिया के नीचे छिपाकर रखे गए कोमल के शव को बरामद करा दिया। पुलिस ने कोमल का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर राकेश तिवारी का कहना है कि अब तक की जांच में पता चला कि परिजनों की फटकार पर कोमल ने फांसी लगाकर जान दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का सही कारण पता चल सकेगा।