मुबारकपुर पूरन कछार में अजीत सिंह पटेल की हत्या के मामले में बृहस्पतिवार को जमकर हंगामा हुआ। आर्थिक सहायता व अन्य मांगों को लेकर परिजन के साथ गांव के लोग शव घर के पास रखकर धरने पर बैठ गए। जनप्रतिनिधियों के समझाने व अफसरों की मान-मनौव्वल पर 21 घंटे बाद धरना समाप्त हुआ। उसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस ने मुकदमा हत्या में तरमीम करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोप है कि मंगलवार की देर रात मुबारकपुर पूरन कछार निवासी कोटेदार जमुना प्रसाद के बेटे अजीत सिंह पटेल की पार्टी में विवाद के दौरान साथियों ने पिकअप से कुचलकर मार डाला था। परिजन हत्या का मुकदमा दर्ज करने व अविलंब गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। बुधवार शाम शव दरवाजे पर रखकर परिजन धरने पर बैठ गए। वह हत्या का मुकदमा, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, कृषि योग्य जमीन, सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस आदि की मांग कर रहे थे। उन्होंने अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया।
सुबह उप जिलाधिकारी सोरांव डॉ.गणेश कनौजिया, एसीपी सोरांव शैलेंद्र कुमार, एसीपी थरवई जंग बहादुर यादव पहुंचे और परिजनों से बात की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। दोपहर 12:30 बजे सपा विधायक आरके वर्मा, विधान परिषद सदस्य सुरेंद्र चौधरी, पूर्व सांसद नागेंद्र सिंह पटेल, अपना दल राष्ट्रीय सचिव बाबूलाल पटेल पहुंचे और कई घंटों तक परिजनों और ग्रामीणों से बात करते रहे। उन्होंने पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। काफी मान मनौव्वल के बाद करीब 3:30 बजे परिजन माने और फिर शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए रवाना हुए।