छोटा बघाड़ा के रहने वाले मिठाई लाल सहकारी बैंक के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। उनके बेटे शेर बहादुर शंकरगढ़ नगर पंचायत में अधिशासी अधिकारी थे। शेर बहादुर की 2020 में कोरोना से मौत हो गई। मौत के बाद पत्नी प्रियंका को नगर पंचायत में नौकरी मिल गई।
शंकरगढ़ के पूर्व अधिशासी अधिकारी शेर बहादुर की कोरोना से मौत के बाद फर्जी सर्विस बुक बनाकर उनकी पत्नी को 100 प्रतिशत की नामिनी बना दिया गया। इस बात की जानकारी आरटीई से हुई तो उनके पिता ने बहू समेत पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। पूरा विवाद 50 लाख की अनुग्रह राशि से जुड़ा हुआ है।
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छोटा बघाड़ा के रहने वाले मिठाई लाल सहकारी बैंक के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। उनके बेटे शेर बहादुर शंकरगढ़ नगर पंचायत में अधिशासी अधिकारी थे। शेर बहादुर की 2020 में कोरोना से मौत हो गई। मौत के बाद पत्नी प्रियंका को नगर पंचायत में नौकरी मिल गई। कोरोना से मौत पर शासन ने 50 लाख की अनुग्रह राशि दी तो घर में विवाद खड़ा हो गया।
मिठाई लाल का आरोप था कि बहू नौकरी पाने के बाद न तो उनकी देखरेख कर रही थी न ही उनकी पत्नी का। उन्होंने डीएम से मिलकर 50 लाख की अनुग्रह राशि में उनका हिस्सा अलग देने का आग्रह किया। इस बीच पता चला कि शेर बहादुर की सर्विस बुक में प्रियंका को 100 फीसदी का नामिनी बनाया गया है। उन्होंने आरटीई के माध्यम से इस बात की सत्यता जाननी चाही।
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पता चला कि फर्जी दस्तखत और कूटरचित दस्तावेजों से प्रियंका को 100 फीसदी का नामिनी बना दिया गया है। शेर बहादुर ने अपने जीवित रहते किसी को भी नामिनी नहीं बनाया था। इसी को आधार बनाकर मिठाई लाल ने बहु प्रियंका, राजकुमार, वीरेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार, सैफ अली को नामजद करते हुए कर्नलगंज थाने में तहरीर दी। पुलिस ने धोखाधड़ी की तमाम धाराओं के साथ 120-बी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली। इंस्पेक्टर कर्नलगंज ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।