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प्रयागराज : पूर्व एसएसपी के मददगारों के भी चेहरे होंगे बेनकाब, बढ़ सकती हैं कई मातहतों की मुसीबत

Sat, 11 Dec 2021 04:24 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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Prayagraj News : पूर्व एसएसपी अभिषेक दीक्षित। - फोटो : प्रयागराज
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पूर्व एसएसपी अभिषेक दीक्षित पर मुकदमा चलाने की अनुमति मिली तो विवेचना में उनके कई मददगारों के चेहरे भी बेनकाब होंगे। जांच के दायरे में वह पुलिसकर्मी भी होंगे जिन्होंने पूर्व एसएसपी को लाभ पहुंचाया या उनसे लाभान्वित हुए। इनमें से कुछ पुलिसकर्मी ऐसे हैं जो अभी भी जनपद में तैनात हैं तो कुछ के गैर जनपद तबादले हो चुके हैं। मुकदमा दर्ज हुआ तो विजिलेंस की टीम इन पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी गहन जांच पड़ताल करेगी।

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आईपीएस अभिषेक दीक्षित पिछले साल आठ सितंबर को निलंबित कर दिए गए थे। इस कार्रवाई के साथ ही उनके खिलाफ विजिलेंस जांच भी शुरू करा दी गई थी। जांच में विजिलेंस ने उन पर वरिष्ठों के आदेशों की अनदेखी व निरीक्षकों से तैनाती के लिए पैसे लेने का ही आरोप सही माना है और मुकदमा दर्ज कराने की अनुमति शासन से मांगी है।

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जानकारों का कहना है कि मुकदमा हुआ तो न सिर्फ पूर्व एसएसपी बल्कि उनके मददगारों की मुश्किलें बढ़नी भी तय है। यह वह पुलिसकर्मी हैं जो लगातार शिकायतों के बाद भी मलाईदार तैनाती पाते रहे। इसके अलावा जांच के दायरे में वह इंस्पेक्टर या दरोगा भी होंगे, जो निर्धारित मानक पूरा न करने के बावजूद थानों में बतौर प्रभारी तैनात हुए।

पहली लिस्ट से ही आ गए थे रडार पर
गौरतलब है कि तैनाती के बाद ट्रांसफर-पोस्टिंग की पहली ही लिस्ट से पूर्व एसएसपी अभिषेक रडार पर आ गए थे। चौकी प्रभारियों की इस सूची में लगभग 50 नाम थे लेकिन इनमें से कई ऐसे थे जो दागी होते हुए भी मलाईदार चौकियों में तैनात कर दिए गए थे। इसके बाद 27 इंस्पेक्टरों व 10 सब इंस्पेक्टरों की सूची जारी हुई और इसे लेकर भी कई सवाल उठे। दरअसल इसमें कई ऐसे इंस्पेक्टरों केनाम शामिल थे जिन्हें पूर्व में गंभीर आरोपों में हटाया गया था।

कई दरोगाओं को भी थाना प्रभारी बनाया गया और दो दरोगाओं के तैनाती स्थल में सूची जारी होने के कुछ घंटों बाद ही फेरबदल कर दिया गया जिसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। शिकायतों के मद्देनजर कुल 17 बिंदुओं पर जांच कराने के बाद शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया था। 
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