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दबंग ने रिटायर फौजी से मांगी 20 लाख की रंगदारी

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नहीं बनने दे रहा मकान, धूमनगंज थाने में दर्ज कराया गया केस
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प्रयागराज। धूमनगंज के अबूबकरपुर में रहने वाले रिटायर फौजी विजय नारायण सिंह से 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई। रुपये नहीं देने पर आरोपी उसे अपनी ही जमीन पर मकान नहीं बनाने दे रहे हैं। एडीजी के आदेश पर पुलिस ने एक नामजद समेत दो लोगों पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेना से रिटायर विजयनारायण ने बताया कि 1995 में मोहल्ले में ही प्रमिला सिंह चौहान से प्लॉट लिया था। आरोप है कि प्लॉट भगीरथ यादव उर्फ बैरागी के माध्यम से लिया गया था। जिसने गवाह के रूप में दस्तखत भी किए थे। 2016 में उन्होंने अपनी पत्नी सुमित्रा देवी के नाम से रजिस्ट्री कराकर इसमें बाउंड्री करा ली। आरोप है कि इसी दौरान भगीरथ ने फर्जीवाड़ा कर जमीन की द्वितीय रजिस्ट्री अपनी रिश्तेदार के नाम करा दी। बाद में मामला न्यायालय पहुंचा और वहां द्वितीय रजिस्ट्री निरस्त कर दी गई। आरोप है कि आरोपी अब उन्हें उनकी ही जमीन पर घर बनाने नहीं दे रहा है और तरह-तरह से परेशान कर रहा है।
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यही नहीं उसने 20 लाख रुपये गुंडा टैक्स मांगा। एक दिन किसी शर्मा नाम के आदमी को भेजकर रुपये मांगे और नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। साथ ही वह यह भी धमका रहा है कि रुपये नहीं मिलने तक वह मकान नहीं बनने देगा। शिकायत पर भी धूमनगंज पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो पीड़ित ने एडीजी से गुहार लगाई। एडीजी के आदेश पर शनिवार को धूमनगंज थाने में भगीरथ यादव व उसके शर्मा नाम के आदमी पर रंगदारी मांगने, धमकाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई।
रंगदारी, फायरिंग के आरोपी महीने भर बाद भी फरार
प्रयागराज। उधर जबरन जमीन कब्जाने व फायरिंग के आरोपी अतीक अहमद के करीब आबिद प्रधान व प्रॉपर्टी डीलर जैद को पुलिस महीने भर बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पोंगहट पुल निवासी अब्दुल रहीम(80) ने तीन नवंबर को धूमनगंज थाने में आबिद, जैद समेत छह लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें आरोप लगाया था कि रसूलपुर मरियाडीह स्थित जमीन पर जैद अपने दोनों भाई जसीम, जाफर व राहुल सिंह और अरकम के अलावा कई अज्ञात लोगों के साथ असलहों से लैस होकर आया और आबिद प्रधान के नाम से 25 लाख रुपयों की मांग की। नहीं देने पर फायरिंग की जिसमें वह बाल-बाल बच गए।
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सूचना पर पहुंची पुलिस ने जसीम व राहुल को मय पिस्टल पकड़ा था। बता दें कि इस मामले में धूमनगंज पुलिस ने मय पिस्टल दो लोगों के पकड़े जाने के बावजूद तहरीर बदलवाने की कोशिश की थी। बाद में अफसरों के नाराज होने पर मूल तहरीर पर मुकदमा लिखा गया था।
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