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महंगे फ्लैट, जमीन खरीदी है तो टैक्स भरने को रहें तैयार

Mon, 03 Oct 2016 02:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद। नवरात्र में बड़ी संख्या में लोग जमीन, फ्लैट खरीदते हैं। इस दौरान बड़े पैमाने पर आयकर की चोरी भी होती है। ऐसे लोगों आयकर विभाग की नजर से नहीं बच सकेंगे क्योंकि विभाग हर रजिस्ट्री पर पैनी नजर रखे हुए है। रजिस्ट्री विभाग आयकर विभाग को सम्पत्तियों की रजिस्ट्री का ब्योरा उपलब्ध करा है। आयकर विभाग वर्तमान सर्किल रेट के साथ काली कमाई से महंगे फ्लैट, जमीन खरीदने वालों से कुल कीमत पर टैक्स वसूलेगा। विभाग सर्किल रेट के विपरीत सम्पत्ति की खरीद में भारी-भरकम रकम अदा करने वालों पर बारीकी से नजर रखा रहा है। यानी किसी ने सिविल लाइंस, अशोक नगर, जार्जटाउन, टैगोर टाउन जैसे पॉश इलाकों में 90 लाख रुपये का फ्लैट खरीदा और सर्किल रेट के हिसाब से टैक्स कम आ रहा है तो विभागीय जानकारी के आधार पर ऐसे लोगों से अदा की गई वास्तविक कीमत पर टैक्स वसूला जाएगा।
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30 अप्रैल को आय घोषणा स्कीम की तिथि खत्म होने के बाद आयकर विभाग ने अब पूरा ध्यान सम्पत्तियों की रजिस्ट्री पर लगा दिया है, क्योंकि सबसे ज्यादा काली कमाई इसी में निवेश की जाती है। नवरात्र के शुरूआत में दो दिन छुट्टी हो गई। ऐसे में सोमवार से सम्पत्तियों की रजिस्ट्री का दौर शुरू होगा। माना जा रहा है कि शहर के विभिन्न इलाकों में निर्माणाधीन निजी बहुमंजिला आवासीय योजनाओं में दो-तीन माह पहले तक जिन लोगों ने फ्लैट बुक कराए हैं, उनमें से ज्यादातर लोग नवरात्र में रजिस्ट्री कराएंगे। सूत्रों के मुताबिक आयकर विभाग के अफसरों को खासकर ऐसे लोगों पर विशेष नजर रखने की निर्देश दिया गया जो महंगे फ्लैट खरीद रहे हैं।

हर सम्पत्ति की खरीद-बिक्री का होगा ब्योरा
अभी तक 30 लाख रुपये से अधिक की सम्पत्ति की खरीद-बिक्री का ब्योरा आयकर विभाग को दिया जाता था। केंद्र सरकार ने हाल में इसमें संशोधन कर दिया गया है। नई व्यवस्था में किसी भी कीमत की सम्पत्ति की खरीद-बिक्री का पूरा ब्योरा आयकर विभाग को दिया जा रहा है।
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70 से 90 लाख तक के बिके हैं फ्लैट
फ्लैट हो या जमीन, इनकी खरीद-बिक्री के बाद रजिस्ट्री में बड़ा खेल होता है। आयकर विभाग डीएम सर्किल रेट पर टैक्स का निर्धारण करता है लेकिन आयकर से बचने के लिए रजिस्ट्री में सम्पत्ति की मालियत कम दर्शाई जाती है। वर्तमान में सिविल लाइंस, जार्जटाउन, टैगोर टाउन, नया कटरा, अल्लापुर, सुलेम सराय, कटरा आदि में बड़ी संख्या में निजी ग्रुप हाउसिंग बनी। इनमें फ्लैट 70 से 90 लाख रुपये तक में बिके हैं लेकिन रजिस्ट्री में इसकी कीमत कम दर्शाई जा रही है। इसी तरह सिविल लाइंस में 100-120 वर्गमीटर तक के प्लाट वर्तमान में एक करोड़ रुपये से अधिक में बिक रहे हैं। यानी डीएम सर्किल रेट से दोगुनी कीमत पर। आयकर विभाग ऐसे लोगों पर खास नजर रखे हुए है।

टीडीएस न देने वाले भरेंगे जुर्माना
50 लाख रुपये से अधिक की अचल सम्पत्ति की खरीद पर एक प्रतिशत टीडीएस का प्रावधान है। ज्यादातर मामलों में लोगों ने टीडीएस नहीं किया। ऐसे लोगों को 200 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना भरना होगा। ऐसे लोगों को चिह्ंित करने के बाद आयकर विभाग नोटिस भी जारी कर रहा है। 
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