केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) को जारी पत्र में स्पष्ट कर दिया गया है कि कुलपति के चयन के लिए सर्च कमेटी के सदस्यों के मनोनयन में नियमों की अनदेखी हुई है।
मंत्रालय ने सर्च कमेटी के सदस्य प्रो. गौतम सेन के नाम पर सीधे तौर पर कोई आपत्ति नहीं की है लेकिन प्रो. सीएल खेत्रपाल की जगह किसी दूसरे को सदस्य मनोनीत किए जाने का निर्देश दिया है। इस निर्देश के बाद इविवि में 16 मार्च को होने वाली कार्य परिषद की बैठक पर सबकी नजर टिकी है।
हालांकि कार्य परिषद की बैठक में इसे एजेंडे के तौर पर शामिल नहीं किया गया है लेकिन मंत्रालय की ओर से इविवि प्रशासन को जारी पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि 16 मार्च को प्रस्तावित इविवि की कार्य परिषद की बैठक में प्रो. खेत्रपाल की जगह किसी दूसरे सदस्य को मनोनीत किया जाए।
पत्र में यह भी कहा गया है कि किसी स्वस्थ व्यक्ति को ही सर्च कमेटी का सदस्य बनाया जाए, जो कमेटी की बैठकों में शामिल होने के लिए कहीं भी आसानी से आवाजाही कर सके।
इस लिहाज से प्रो. गौतम सेन को भी सदस्य मनोनीत किए जाने के मसले पर विवाद बढ़ सकता है, क्योंकि उनकी आयु भी काफी अधिक है। फिलहाल मंत्रालय के पत्र में प्रो. खेत्रपाल के नाम का ही जिक्र किया गया है, सो उनकी जगह नए चेहरे की तलाश शुरू हो गई लेकिन अभी इस पर असमंजस है कि 16 मार्च को होने वाली कार्य परिषद की बैठक में सर्च कमेटी के नए सदस्य का मनोनयन होगा या इसके लिए अलग से कार्य परिषद की बैठक बुलाई जाएगी।