माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश (यूपी बोर्ड) की स्थापना के इस साल सौ वर्ष पूरे हो रहे हैं। परीक्षार्थियों की सबसे अधिक संख्या के कारण यूपी बोर्ड न केवल देश में बल्कि विश्व के शिक्षा बोर्डों में अग्रणी स्थान रखता है। यदि इसके इतिहास के पन्नों को पलटें तो पता चलता है कि हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं इलाहाबाद विश्वविद्यालय कराता था। यूपी बोर्ड की पहली परीक्षा वर्ष 1923 में हुई थी। आजादी से पहले जन्मे बोर्ड के सौ साल के सफर में परीक्षार्थियों की संख्या लगभग एक हजार गुना तक बढ़ गई।