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एक्सक्लूसिव- तिहरा हत्याकांडः इंस्पेक्टर के कहने पर आरोपी पक्ष ने बनाई दीवार

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Exclusive - triple murder: The accused party built a wall at the behest of the inspector
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‘एसओ साहब’ के कहने पर खड़ी की गई थी रास्ते पर दीवार
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धूमनगंज के चौफटका में तिहरे हत्याकांड का मामला
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, मचा हड़कंप
मुख्य आरोपी दे रहा है बयान, ‘एसओ’ ने दिया था आदेश
आलोक श्रीवास्तव
प्रयागराज। धूमनगंज के चौफटका में हुए तिहरे हत्याकांड में बृहस्पतिवार को चौंकाने वाली बात सामने आई। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसे देखने के बाद यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने धूमनगंज पुलिस की शह पर उस रास्ते पर दीवार खड़ी की, जो इस हत्याकांड की मुख्य वजह थी। वीडियो में मुख्य आरोपी बलवंत सिंह खुद यह बात कहते दिखाई दे रहा है कि उसे ‘एसओ साहब’ ने दीवार खड़ी करने को कहा था।
चौफटका में 18 अगस्त को रास्ते के विवाद को लेकर लालू यादव, अजीत पासी व करन पासी की चापड़-गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। मामले में 10 नामजद समेत 20 पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी जिसमें से सभी नामजद आरोपी बलवंत सिंह व उसकी पत्नी कुसुमलता, उसके बेटे अजीत सिंह, चंदन सिंह, सोनल सिंह, सूरज सिंह, संजू सिंह, मंजरी उर्फ मंजू पत्नी चंदन, रचना पत्नी सूरज मनीष शुक्ला गिरफ्तार किए जा चुके हैं। घटना के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों से पीड़ित पक्ष व मोहल्ले के लोगों ने शिकायत की थी कि आरोपी पक्ष ने जबरन रास्ते पर दीवार खड़ी की थी। जिसके विरोध पर तीन लोगों की हत्या कर दी गई। शिकायत पर तत्कालीन एसएसआई व दूसरे दिन चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया था। हालांकि बृहस्पतिवार को घटना से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया। साथ ही धूमनगंज इंस्पेक्टर की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई।
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क्या दिख रहा है वीडियो में?
वायरल वीडियो उस वक्त का है जब घटना के बाद मुख्य आरोपी बलवंत सिंह को पकड़कर कैंट थाने लाया गया। थाने पर घटना के बारे में पूछताछ करने पर वह जो बयान देते दिखाई पड़ता है, वह काफी चौंकाने वाला है। दरोगा के पूछने पर आरोपी बलवंत यह कहता हुआ दिखाई देता है कि उसने ‘एसओ साहब’ के कहने पर दीवार बनवाई। आगे वह यह भी कहता है कि छुट्टी जाने से पहले ‘एसओ साहब’ ने उससे कहा था कि आप बनाइए लेकिन वहां शांति व्यवस्था रहनी चाहिए। जब कोई आपको स्टे आदेश दे तो मुझे बता दीजिए और चुपचाप काम बंद कर दीजिए।
जांच हो तो सामने आएगी सच्चाई
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मुख्य आरोपी जिसे ‘एसओ साहब’ संबोधित कर रहा है वह धूमनगंज थाने के प्रभारी की बात कर रहा या किसी और इंस्पेक्टर या दरोगा की। लेकिन उसके यह कहने कि ‘छुट्टी पर जाने से पहले एसओ साहब ने उसे आदेश दिया था’ से धूमनगंज इंस्पेक्टर की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। ऐसे में सूत्रों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो सच्चाई सामने आ सकती है।
लापरवाही आई थी सामने
घटना के बाद जांच से जुड़े अफसर भले ही इंस्पेक्टर के खिलाफ कोई सीधी शिकायत मिलने की बात नकारते रहे। लेकिन सच्चाई यह है कि घटना में धूमनगंज इंस्पेक्टर की लापरवाही की भी बात सामने आई थी। दरसअल डेढ़ महीने से प्रकरण के लंबित होने के बावजूद इंस्पेक्टर ने मामले के निस्तारण में उचित कदम नहीं उठाए। दो दरोगाओं के जांच करने के बाद भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया। यहां तक कि घटना से एक दिन पहले नियमों को ताक पर रखकर छुट्टी पर जाते वक्त थाने में तैनात सेकंड अफसर की बजाय एसएसआई को चार्ज दे दिया। जबकि नियमानुसार अवकाश पर जाते वक्त उपलब्ध होने पर समकक्षकर्मी को ही प्रभार दिया जाना चाहिए था।
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प्रकरण की जांच प्रचलित है जिसमें इस कथित वीडियो को भी सम्मिलित किया जा रहा है। जांच अधिकारी को तीन दिनों के भीतर आख्या देने का निर्देश दिया गया है। जो भी जांच रिपोर्ट होगी, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, एसएसपी
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