प्रयागराज के साथ मंडल के चारों जिलों में जन औषधि केंद्र की 10 दुकानें संचालित हैं। इन सभी ने लखनऊ स्थित गणपति मेडिकल स्टोर से फ्रेंचाइजी ले रखी है। बताया जा रहा है कि गणपति मेडिकल स्टोर का काम ठीक नहीं है। शासन स्तर पर कराई गई जांच में कई गड़बड़ियां पाईं गईं हैं। हालात यह हैं कि इन जन औषधि केंद्रों पर दवाएं मिलती नहीं हैं। हमेशा कमी बनी रहती है। अगर किसी मरीज को पांच से छह दवाएं लेनी हो तो उसमें आधे से अधिक दवाएं नहीं मिलतीं हैं। जबकि, इन औषधि केंद्रों पर सामान्य से लेकर जीवन रक्षक दवाएं पर्याप्त मात्रा में और हर समय उपलब्ध रहनी चाहिए।
दवाओं की कमी से एसआरएन और कॉल्विन जैसे मंडलीय अस्पतालों में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीज महंगी दवाएं लेने के लिए मजबूर हो रहे हैं। प्रयागराज में पांच अस्पतालों में जन औषधि केंद्र संचालित हैं। इसमें स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय, बेली, कॉल्विन, डफरिन और टीबी अस्पताल शामिल है। जबकि, प्रतापगढ़ जिले में तीन, कौशाम्बी और फतेहपुर में एक-एक जन औषधि केंद्र संचालित हैं।
इन सभी ने लखनऊ स्थित गणपति मेडिकल स्टोर से फ्रेंचाइजी ले रखी है। इनका संचालन तीन साल से चल रहा है। लेकिन, गणपति मेडिकल स्टोर का करार रद्द होने के साथ ही इन जन औषधि केंद्रों की फ्रेंचाइजी भी समाप्त हो गई। असिस्टेंट ड्रग कमिश्नर उदयभान सिंह ने बताया कि शासन से आए आदेश के मुताबिक जन औषधि केंद्रों पर बहुत से कमियां पाईं गईं हैं। इसकी वजह से इनका करार निरस्त कर दिया गया है। अब ये जन औषधि की दुकानें नहीं संचालित होंगीं।