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Exclusive News : प्रयागराज में संचालित पांचों जन औषधि केंद्र होंगे बंद, सरकार ने निरस्त किया लाइसेंस

Wed, 11 Nov 2020 01:36 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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जन औषधि केंद्र - फोटो : अमर उजाला
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शहर में संचालित पांच जन औषधि केंद्र बंद होंगे। जन औषधि केंद्र संचालित करने वाली दुकानों ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से तय की गई शर्तों को पूरा नहीं किया है। कई गड़बड़ियों की वजह से केंद्र सरकार ने औषधि केंद्रों को संचालित करने वाली लखनऊ की एजेंसी से हुआ करार रद्द कर दिया है। ड्रग विभाग के अफसरों के मुताबिक केंद्र सरकार अब नई एजेंसी से करार कर लोगों को सस्ते दाम पर दवाएं मुहैया कराएगी। बताया जा रहा है कि इसके लिए दूसरी एजेंसी के साथ बातचीत चल रही है।

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प्रयागराज के साथ मंडल के चारों जिलों में जन औषधि केंद्र की 10 दुकानें संचालित हैं। इन सभी ने लखनऊ स्थित गणपति मेडिकल स्टोर से फ्रेंचाइजी ले रखी है। बताया जा रहा है कि गणपति मेडिकल स्टोर का काम ठीक नहीं है। शासन स्तर पर कराई गई जांच में कई गड़बड़ियां पाईं गईं हैं। हालात यह हैं कि इन जन औषधि केंद्रों पर दवाएं मिलती नहीं हैं। हमेशा कमी बनी रहती है। अगर किसी मरीज को पांच से छह दवाएं लेनी हो तो उसमें आधे से अधिक दवाएं नहीं मिलतीं हैं। जबकि, इन औषधि केंद्रों पर सामान्य से लेकर जीवन रक्षक दवाएं पर्याप्त मात्रा में और हर समय उपलब्ध रहनी चाहिए। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
दवाओं की कमी से एसआरएन और कॉल्विन जैसे मंडलीय अस्पतालों में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीज महंगी दवाएं लेने के लिए मजबूर हो रहे हैं। प्रयागराज में पांच अस्पतालों में जन औषधि केंद्र संचालित हैं। इसमें स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय, बेली, कॉल्विन, डफरिन और टीबी अस्पताल शामिल है। जबकि, प्रतापगढ़ जिले में तीन, कौशाम्बी और फतेहपुर में एक-एक जन औषधि केंद्र संचालित हैं।

इन सभी ने लखनऊ स्थित गणपति मेडिकल स्टोर से फ्रेंचाइजी ले रखी है। इनका संचालन तीन साल से चल रहा है। लेकिन, गणपति मेडिकल स्टोर का करार रद्द होने के साथ ही इन जन औषधि केंद्रों की फ्रेंचाइजी भी समाप्त हो गई। असिस्टेंट ड्रग कमिश्नर उदयभान सिंह ने बताया कि शासन से आए आदेश के मुताबिक जन औषधि केंद्रों पर बहुत से कमियां पाईं गईं हैं। इसकी वजह से इनका करार निरस्त कर दिया गया है। अब ये जन औषधि की दुकानें नहीं संचालित होंगीं।
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