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exclusive : लॉकडाउन के चलते ब्रिटेन में फंसे प्रयागराज के कई परिवार

Wed, 06 Jan 2021 08:19 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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उड़ान - फोटो : pixabay
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ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन को लेकर लगाए गए लॉकडाउन में प्रयागराज के भी कई लोग फंस गए हैं। ब्रिटेन में फरवरी के मध्य तक लॉकडाउन लगा दिया गया है, इससे गंगापार के कई परिवारों की नींद उड़ी हुई है। वे उनका कुशलक्षेम जानने के लिए दिन में कई बार फोन करते हैं।  
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गंगापार के कई परिवारों के सदस्य ब्रिटेन में मल्टी नेशनल कंपनियों में इंजीनियर और वैज्ञानिक हैं। झूंसी के आवास विकास कालोनी योजना तीन निवासी सुप्रिया की छोटी बहन स्नेहा अपने पति मुकेश के साथ ब्रिटेन के ब्रिस्टल शहर में रहती हैं। पति मुकेश ब्रिटेन में वैज्ञानिक हैं। बहन सुप्रिया के साथ ही उनकी मां निशा और भाई समीर दिनभर में कई बार व्हाट्सएप पर कॉल कर परिवार के सदस्यों का हालचाल ले रहे हैं।  पूरे परिवार को छुट्टी पर दिसंबर में घर आना था, लेकिन कोरोना के नए स्ट्रेन के कारण उन्हें भारत यात्रा स्थगित करनी पड़ी है।

उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के कारण ब्रिटेन में हालात बेहद असामान्य है। रेस्टोरेंट में मस्ती बंद हो गई है। बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। स्कूल-कॉलेज और दफ्तर भी बंद कर दिए गए हैं। शहर में दहशत का माहौल है। कृतिका वर्मा अपने पति आशीष के साथ लंदन में रहती हैं। पति इनफोसिस में इंजीनियर हैं। तकरीबन चार साल से आशीष पत्नी और बच्चे के साथ लंदन में रह रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के घातक हमले के कारण दोबारा पूरा शहर घरों में कैद हो गया है। बाहर निकलने तक की इजाजत नहीं है। 

ब्रिटेन में आपातकाल जैसे हालात

झूंसी के त्रिवेणीपुरम कालोनी निवासी डॉ. रंजीत सिंह यादव और बेबी यादव की बेटी आकांक्षा पति अमरेंद्र सिंह व बेटी के साथ स्काटलैंड के एडिनबर्ग में रहती हैं। साफ्टवेयर इंजीनियर अमरेंद्र का परिवार फाफामऊ के शांतिपुरम कालोनी में रहता है। अमरेंद्र ने फोन पर बताया कि स्काटलैंड में कोरोना के नए स्ट्रेन का असर थोड़ा कम है। हालांकि लॉकडाउन के कारण एक बार फिर से आपातकाल जैसे हालात बन गए हैं। कोई भी अपने घर से बाहर नहीं निकल सकता है। केवल आवश्यक वस्तुओं से संबंधित दुकानें ही खोली जा रही हैं। परिजन दिनभर में कई बार फोन कर हालचाल लेते रहते हैं। आकांक्षा भी तनाव में हैं। उनका कहना है कि एक बार फिर कोरोना महामारी ने जीवन को मुसीबत में डाल दिया है। (संवाद)
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