कोरोना कॉल में रेलवे ने यात्रियों को पूर्व की भांति ट्रेनों और रेलवे स्टेशन पर भोजन उपलब्ध कराने की तैयारी की है। इसके लिए रेलवे बोर्ड स्तर तैयारी शुरू हो गई है। ट्रेनों एवं स्टेशनों पर जहां वेज और नॉनवेज आइटम में बढ़ोतरी होगी, वहीं यात्रियों को आने वाले दिनों में प्रमुख होटलों के भोजन भी उपलब्ध हो जाएंगे।
दरअसल, रेलवे की तैयारी है कि यात्रियों को दिए जाने वाले कॉम्बो मील का दायरा बढ़ाया जाए। इसके लिए मेन्यू में बदलाव आने वाले दिनों में दिख सकता है। मेन्यू बदलने पर रेलवे बोर्ड की मुहर लगने से थाली में लजीज व्यंजन तो जगह लेंगे ही साथ ही होटलों की तरह मनपसंद आइटम का स्वाद भी यात्री ले सकेंगे। बताया जा रहा है कि रेलवे में यात्रियों को दी जाने वाली पारंपरिक थाली के स्थान पर होटलों की थाली स्थान ले सकती है।
इसके अलावा वेज और नॉनवेज के आइटम भी बढ़ेंगे। अभी जो थाली यात्रियों को मिलती है, उसमें चावल, एक सब्जी, एक दाल, पापड़, रोटी या पराठा, दही या मीठा आदि रहता है। बहुत से यात्री लो कैलोरी वाला खाना पसंद करते हैं, उनके लिए ट्रेनों की पैंट्री कार में लो कैलोरी खाना उपलब्ध करवाने की तैयारी की गई है। ऐसे में सफर के दौरान जब वेंडर खाने का आर्डर लेने आएगा तो उसे बताना होगा कि किस तरह का खाना चाहिए।
मेन्यू में किया जा रहा है बड़ा बदलाव
रेलवे का ई-कैटरिंग पर भी जोर है। इसके लिए ट्रेनों में स्थानीय खाने को प्राथमिकता दी जाएगी। नाश्ते में जहां छोले भटूरे, पोहा, चिल्ला जैसा नाश्ता दिए जाने की तैयारी की जा रही है। ट्रेनों में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए रेलवे का प्रयास है कि यात्रियों को बड़े ब्रांडेड वेंडर्स से मंगाकर ही खाना उपलब्ध कराया जाए। रेलवे के एक अफसर ने बताया कि बोर्ड स्तर पर रेलवे द्वारा बड़े ब्रांड वाली कंपनियों से बातचीत चल रही है। दशहरा के बाद कैटरिंग में खासा बदलवा देखने को मिल सकता है।
- यात्रियों को स्वच्छ और गुणवत्ता पूर्ण भोजन उपलब्ध हो, यही रेलवे का प्रयास है। रेलवे बोर्ड द्वारा कैटरिंग के संबंध में जो भी निर्णय लिया जाएगा वह उत्तर मध्य रेलवे में लागू होगा। अजीत सिंह, सीपीआरओ, एनसीआर