अधिक बिल आने और रीडिंग सही न करने वाले 25 हजार मीटर बदले जाएंगे। ऐसे मीटरों की वजह से जहां दो गुना से लेकर तीन गुना तक अधिक बिल आ रहे थे, वहीं कोरोना काल में नाहक बोझ बढ़ने से उपभोक्ताओं की नींद उड़ गई थी। मीटर बदलने को लेकर एक्सईएन और एसडीओ दफ्तरों का चक्कर लगा रहे ऐसे लोगों को राहत मिल गई है। निदेशक वाणिज्य ने एसई और अधिशासी अभियंताओं की बैठक में शनिवार को खराब मीटरों को शीघ्र बदलने की हिदायत दी। मीटरों की खराबी से अधिक बिल आने के मामले पर हाल में ही अमर उजाला ने प्रमुखता से अभियान चलाया था।
खराब मीटरों को न बदले जाने से उपभोक्ता पिछले छह महीने से परेशान हैं। इन मीटरों में रीडिंग जंप करने की समस्या है। निर्धारित लोड की तुलना में दो से तीन गुना अधिक बिल आने से लोगों ने सिर थाम लिया है। हाइडिल सभागार में हुई बैठक में निदेशक वाणिज्य ने बड़े बकाएदारों की भी सूची तलब की। ऐसे बकायेदारों के कनेक्शन न काटने वाले अधिशासी अभियंताओं को चेतावनी दी। साथ ही गलत बिलों को सुधारने और खराब मीटर बदलने की हिदायत दी। उन्होंने बताया कि 25 हजार से अधिक मीटरों में खराबी की शिकायत मिली है।
ऐसे मीटरों की रीडिंग के आधार पर जारी बिलों को लेकर जनता का उत्पीड़न न किया जाए। इसके अलावा हाईलास वाले फीडरों पर मास रेड शुरू कराने का भी निर्देश दिया। कहा कि हाईलास फीडरों को चिह्नित कर छापेमारी की जाए, ताकि बिजली चोरी पर अंकुश लगाया जा सके। इस मौके पर मुख्य अभियंता ओपी यादव, एसई आरके सिंह, एसई आरके श्रीवास्तव, एसई राकेश पांडेय, आनंद पांडेय के अलावा अन्य अधिशासी अभियंता उपस्थित थे।
खराब मीटर न बदले जाने पर तीन अधिशासी अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस
जनता की शिकायत के बावजूद खराब मीटरों को न बदलने के मामले में निदेशक वाणिज्य ओपी दीक्षित ने शनिवार को मीटर टेस्ट रमेश यादव समेत तीन अधिशासी अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस भी जारी की। साथ ही उन्होंने इस मसले पर 25 सितंबर तक जवाब देने का निर्देश दिया। निदेशक ने बताया कि निर्धारित अवधि तक जवाब न देने और खराब मीटर न हटाने वाले एक्सईएन के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि खराब मीटर से अधिक बिल आने की शिकायत के बावजूद अधिकारी इस मामले को दबाए हुए थे।