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परीक्षा का बहिष्कार, प्रवेश पत्र की जलाई प्रति

Mon, 11 May 2015 02:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश लोेक सेवा आयोग अध्यक्ष के खिलाफ आंदोलनरत बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने रविवार को आयोजित पीसीएस-2015 प्रारंभिक परीक्षा छोड़ दी। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन पर प्रवेश पत्र की प्रति भी जलाई। प्रतियोगियों के एक वर्ग ने आयोग के अध्यक्ष का पुतला दहन भी किया। वे 29 मार्च को हुई पीसीएस के दोनों पेपर की परीक्षा निरस्त करने तथा पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे।
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आंदोलन के क्रम में प्रतियोगियों ने घोषणा कर रखी है कि जब तक डॉ. अनिल यादव अध्यक्ष रहेंगे वे आयोग की परीक्षा में शामिल नहीं होंगे। इसी के तहत अकेले हिन्दू हॉस्टल से ही शैलेंद्र सिंह, प्रत्यांशु सिंह, भोला सिंह, सत्येंद्र सिंह, गिरिजेश सिंह आदि ने परीक्षा छोड़ दी। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा के बैनर तले परीक्षा छोड़ने वाले अभ्यर्थी छात्रसंघ भवन पर एकत्रित हुए और प्रवेश पत्र की प्रति जलाई। प्रवेश पत्र जलाने वालों में नीरज पांडेय, राजीव मिश्रा, अरुण कुमार, कुंवर साहब सिंह, नीलेश समर्पित, त्रिलोकी यादव आदि शामिल रहे। इसके अलावा विरोध स्वरूप बड़ी संख्या में अभ्यर्थी काली पट्टी बांधकर परीक्षा में शामिल हुए। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अवनीश पांडेय का कहना था कि आयोग अध्यक्ष के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा। मोर्चा के कौशल सिंह ने भी अध्यक्ष को हटाए जाने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की।

एक के एक बाद विवादित बयानों के बीच लावारिस स्थिति में पेपर का बंडल रखे जाने की घटना ने प्रतियोगियों के गुस्से को और बढ़ा दिया है। साथ में आयोग के खिलाफ आंदोलन के लिए उन्हें एक और आधार भी मिल गया है। पीसीएस पेपर लीक मामले में अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। अभ्यर्थियों ने सुनवाई के दौरान आयोग की पेपर भेजने की व्यवस्था तथा एक ट्रांसपोर्ट एजेंसी के दफ्तर में पेपर रख्रे जाने को मुद्दे को भी रखे जाने का निर्णय लिया है।
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प्रतियोगियों की ओर से सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अर्जेंट सुनवाई के लिए अर्जी डाली जाएगी। प्रतियोगियों का कहना है कि पीसीएस की मुख्य परीक्षा जून में प्रस्तावित है। ऐसे में आयोग प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट घोषित कर निर्धारित समय पर मुख्य परीक्षा करा सकता है। जबकि जून में कोर्ट बंद रहेगा। इसलिए वे अर्जेंट सुनवाई की अर्जी डालेंगे। अभ्यर्थियों का यह आवेदन स्वीकार हो गया तो सुप्रीम कोर्ट में इसी सप्ताह सुनवाई की उम्मीद होगी। प्रतियोगी छात्र संघर्ष मोर्चा के अवनीश पांडेय का कहना है कि सुनवाई के दौरान एक ट्रांसपोर्ट कंपनी के दफ्तर में पेपर रखे जाने का मामला भी रखा जाएगा। इसके लिए जरूरी दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं।


पीसीएस की परीक्षा में लापरवाही से प्रतियोगियों के साथ अभिभावकों में भी नाराजगी है। अभिभावक एकता समिति की बैठक में आयोग की कार्यप्रणाली का विरोध किया गया। उन्होंने पीसीएस परीक्षा की तुलना यूपी बोर्ड की परीक्षा से की। उनका कहना था कि  आयोग की परीक्षा में भी धांधली आम हो गई है। अभिभावकों ने आयोग के अध्यक्ष को हटाने तथा भर्तियों की सीबीआई जांच की मांग की। इस मांग को लेकर उन्होंने प्रतियोगियों के आंदोलन में शामिल होने की घोषणा की। बैठक में सत्य प्रकाश तिवारी, प्रोफेसर रामगोपाल, वीरेंद्र मोहिले, विजय गुप्ता, अजय श्रीवास्तव, सुनील अग्रहरि आदि मौजद रहे।
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